Budget 2025: ग्रोथ और फिस्कल कंसोलिडेशन को वित्त मंत्री ने कैसे किया बैलेंस- चार्ट से समझिए

फरवरी 2024 को पेश किए गए अंतरिम बजट में वित्तीय घाटे का लक्ष्य 5.1% रखा गया था. इसके पहले फरवरी 2023 में पेश किए गए बजट में FY24 के लिए वित्तीय घाटे का अनुमान 5.9% था

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने मोदी 3.0 का पहला फुल ईयर बजट पेश कर दिया है. जिसमें हर वर्ग के लिए ढेरों ऐलान किए गए हैं. खपत को बढ़ाने के लिए इनकम टैक्स में छूट का ऐलान किया है. बजट में ग्रोथ, वित्तीय घाटे

सरकार ने वित्तीय घाटे के मोर्चे पर अपनी पकड़ को मजबूत बनाए रखा है, फिस्कल डेफिसिट जो कि FY25 में GDP का 4.8% है उसे FY26 में 4.4% लाने का लक्ष्य रखा गया है. पिछले बजट में जुलाई FY25 के लिए वित्त मंत्री ने वित्तीय घाटा 4.9% रहने का अनुमान जताया था.

जबकि फरवरी 2024 को पेश किए गए अंतरिम बजट में वित्तीय घाटे का लक्ष्य 5.1% रखा गया था. इसके पहले फरवरी 2023 में पेश किए गए बजट में FY24 के लिए वित्तीय घाटे का अनुमान 5.9% था, जबकि FY23 के लिए ये 6.4% रहा था. इससे ये पता चलता है कि सरकार ने वित्तीय घाटे पर लगातार काबू किया है.

वित्तीय घाटा

कैपेक्स

FY26 के लिए कैपेक्स को 11.2 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, जबकि FY25 के लिए इसे संशोधित करके 10.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो कि पहले 11.11 लाख करोड़ रुपये तय किया गया था.

सकल उधारी

FY26 में सकल उधारी 14.82 लाख करोड़ रुपये रह सकती है, जो कि FY25 के लिए अनुमानित 14.13 लाख करोड़ रुपये से थोड़ी ज्यादा है, इसकी वजह ये है कि इस साल बड़ी मात्रा में रीपमेंट देखने को मिला.

ग्रोथ और टैक्स में बढ़ोतरी

नेट टैक्स रेवेन्यू 11% बढ़कर 28.4 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. बजट में FY26 के लिए नॉमिनल GDP ग्रोथ 10.1% रहने का अनुमान है.