नई दिल्ली : वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को वित्त वर्ष 2015-16 का बजट पेश किया, जिसमें इनकम टैक्स की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया, लेकिन मेडिकल बीमा पर छूट की सीमा और ट्रांसपोर्ट अलाउंस में बढ़ोतरी की गई। वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कॉरपोरेट टैक्स को चार सालों में 30 फीसदी से घटाकर 25 फीसदी करने का प्रस्ताव भी रखा।
एक करोड़ रुपये अथवा इससे अधिक सालाना कमाई पर टैक्स सरचार्ज दो प्रतिशत बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया है। वित्त मंत्री ने कंपनियों पर भी टैक्स सरचार्ज में दो प्रतिशत वृद्धि की है। एक करोड़ से 10 करोड़ रुपये की सालाना आय के दायरे में आने वाली कंपनियों पर अधिभार बढ़ाकर 7 प्रतिशत और 10 करोड़ रुपये से अधिक कमाई करने वाली कंपनियों पर अब 12 प्रतिशत की दर से अधिभार देना होगा।
बजट में सेवाकर की दर दो प्रतिशत बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दी गई है, जिससे कई तरह की सेवाएं महंगी हो जाएंगी। एनडीए सरकार के पहले पूर्ण बजट में लोकलुभावन घोषणाओं से बचा गया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मध्यम आयवर्ग को कुछ राहत देते हुए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर मिलने वाली आयकर छूट को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया है।
स्वास्थ्य बीमा योजना में कवर नहीं होने वाले 80 साल से बड़े बुजुर्गों के मामले में सालाना 20,000 की बजाय 30,000 रुपये के चिकित्सा खर्च पर आयकर छूट दी जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि विभिन्न आयकर रियायतों को मिलाकर अब आयकर दाताओं को 4.44 लाख रुपये तक की छूट उपलब्ध होगी। इसमें बीमा और बचत योजनाओं सहित 80सी और 80सीसीडी के तहत विभिन्न योजनाओं में 1.50 लाख रुपये तक के निवेश पर राहत भी शामिल है।
कर्मचारियों को परिवहन भत्ते पर कर कटौती का लाभ भी बढ़ा दिया गया है। अब उन्हें मासिक 800 रुपये की जगह 1,600 रुपये के भत्ते पर कटौती मिल सकेगी। एक करोड़ रुपये से अधिक सालाना कमाई करने वाले अमीरों पर टैक्स सरचार्ज को मौजूदा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया है।
इसी प्रकार एक करोड़ से 10 करोड़ रुपये के बीच कमाई करने वाली घरेलू कंपनियों को सात प्रतिशत की दर से अधिभार देना होगा, जबकि 10 करोड़ रुपये से अधिक सालाना आय वाली कंपनियों पर अब 12 प्रतिशत की दर से कर अधिभार लगेगा।
वित्त मंत्री ने आम बजट पेश करते हुए कहा कि उनकी सरकार द्वारा उठाए गए सुधारवादी कदमों द्वारा देश की साख दोबारा मजबूत होने से आज अर्थव्यवस्था बेहतर स्थिति में पहुंच गई है। जेटली ने लोकसभा में बजट भाषण शुरू करते हुए कहा, मैं एक ऐसे आर्थिक परिवेश में यह आम बजट पेश कर रहा हूं, जो पिछले समय की तुलना में अधिक सकारात्मक हो चुका है। विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं मुश्किलों का सामना कर रही है। भारत उच्च विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।
जेटली के बजट भाषण के मुख्य अंश -
- बुजुर्गों को मेडिकल खर्च पर 30,000 की छूट
- मेडिकल इंश्योरेंस पर छूट 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार की गई। वरिष्ठ नागरिेकों के लिए 10 हजार से बढ़ाकर 30 हजार
- सर्विस टैक्स 12.36 फीसदी से बढ़ाकर 14 फीसदी किया गया
- स्वच्छ भारत कोष में दान पर 100 प्रतिशत रियायत
- सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी की नई दर होगी 12.5 प्रतिशत
- 1000 रुपये से ज्यादा के चमड़े के जूते-चप्पल पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर 6 फीसदी की गई
- वेल्थ टैक्स खत्म करने का प्रस्ताव
- 1 करोड़ से ज्यादा आय वाले लोगों पर 2 प्रतिशत अतिरिक्त सरचार्ज लगेगा
- GAAR पर अमल 2 साल और टला
- 22 आयातित वस्तुओं पर ड्यूटी घटाने का प्रस्ताव
- विदेशी खाता छुपाने पर सजा का प्रस्ताव
- एक लाख से ऊपर के सौदों पर पैन जरूरी
- बेनामी कारोबार बिल संसद के इसी सत्र में पेश किया जाएगा
- टैक्स चोरी को लेकर कानून को और कड़ा बनाया जाएगा
- ब्लैक मनी की सूचना छिपाने पर 10 साल कैद
- कॉरपोरेट टैक्स को चार साल के लिए 30 फीसदी से घटाकर 25 फीसदी किया गया
- अगले साल से जीएसटी पर ज्यादा जोर
- बिहार और पश्चिम बंगाल को विशेष सहायता
- रक्षा क्षेत्र के लिए 2,46,727 लाख करोड़ रुपये
- स्वास्थ्य के लिए 33152 करोड़ रुपये
- शिक्षा के क्षेत्र में 68 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का आवंटन
- बैंक बोर्ड ब्यूरो बनेगा
- अरुणाचल में फिल्म संस्थान बनेगा
- अमृतसर में बागवानी संस्थान
- बिहार में एम्स जैसा एक और संस्थान बनेगा
- आईएसएम धनबाद अब पूर्ण आईआईटी होगा
- जम्मू-कश्मीर, पंजाब, तमिलनाडु और असम में खुलेंगे नए एम्स
- प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी कार्यक्रम की शुरुआत
- दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण हुनर योजना, इसके लिए 1500 करोड़ रुपये का आवंटन
- हेरिटेज साइट्स पर सुविधाओं का विकास किया जाएगा
- महिला सुरक्षा पर निर्भया फंड में 1000 करोड़ रुपये
- कैश लेन-देन को कम करने की कोशिश
- विदेशी निवेश को आसान करने की कोशिश
- सोने को पैसे से जोड़ने की योजना
- वायदा बाजार आयोग सेबी का हिस्सा होगा
- शिकायतें सुनने के लिए एक वित्तीय एजेंसी
- ईपीएस या एनपीएस चुनने का विकल्प मिलेगा, कर्मचारी ईपीएफ चुनें या पेंशन स्कीम
- लोक ऋण प्रबंधन एजेंसी बनाई जाएगी
- मनरेगा के लिए 5000 करोड़ रुपये बढ़ाने की कोशिश
- 5 अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट, 4000 मेगावाट की होगी हर परियोजना
- ई-बिज पोर्टल लॉन्च, जो सिंगल विंडो के तहत काम करेगा
- स्वरोजगार के लिए 1000 करोड़ का आवंटन
- टैक्स फ्री इन्फ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड जारी किए जाएंगे
- सेतु योजना के लिए 1000 करोड़, तकनीकी उद्यमों में मदद के लिए है सेतु योजना
- 150 करोड़ अटल इनोवेशन योजना के लिए
- अल्पसंख्यक युवाओं के लिए 'नई मंजिल' योजना
- बुजुर्गों के लिए वेलफेयर फंड बनेगा
- 60 साल से ऊपर के लोगों के लिए अटल पेंशन योजना
- यूनिवर्सल सोशल सिक्यूरिटी सिस्टम बनेगा
- प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना शुरू होगी
- 1 रुपये महीने के प्रीमियम पर 2 लाख का बीमा मिलेगा
- बैंकिंग में डाकघरों की भूमिका बढ़ेगी
- उच्च आय वाले लोग खुद बंद करें सब्सिडी लेना
- छोटी इकाइयों के लिए मुद्रा बैंक बनेगा
- 20 हजार करोड़ से शुरू होगा मुद्रा बैंक
- खेती के लिए राष्ट्रीय बाजार बनाने का लक्ष्य
- किसानों को 8.5 लाख करोड़ रुपये के कर्ज का लक्ष्य
- अगले 3 साल में वित्तीय घाटा 3% कम करेंगे
- हमें सब्सिडी नहीं, उसकी गड़बड़ी रोकनी है
- 11.5 करोड़ ग्राहकों को सीधी गैस सब्सिडी
- हर गांव में एक अस्पताल बनाने का लक्ष्य
- हर गांव को संचार नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश
- गांवों के लिए 4 करोड़ घर बनाए जाएंगे
- 1.25 लाख करोड़ सार्वजनिक निवेश का लक्ष्य
- मनरेगा योजना बंद नहीं की जाएगी
- एक लाख करोड़ किलोमीटर सड़कें बनाने का लक्ष्य
- 2022 तक सबको घर देने का लक्ष्य
- खेती की आय बढ़ानी हमारी चुनौती
- जनधन मोबाइल योजना का इस्तेमाल लोगों तक सब्सिडी पहुंचाने का
- हमारा लक्ष्य छह करोड़ शौचालय बनाने का
- स्वच्छ भारत अभियान को हमने आंदोलन बनाया
- निवेशक ऐसी सरकार चाहते हैं जिस पर भरोसा किया जा सके, हम उस भरोसे को बनाएंगे।
- लोगों की जीवन शैली बेहतर करने की जरूरत
- हमें मायूसी का माहौल मिला था
- जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत होने का अनुमान
- रुपया 6.4 फीसदी मजबूत हुआ है
- भारतीय अर्थव्यवस्था में भरोसा लौटा
- हमने फूल खिलाए हैं, कांटे पुराने हैं
- भारत फिर तेज वृद्धि दर हासिल कर रहा है
- ये बदला हुआ आर्थिक माहौल
(इनपुट एजेंसियों से भी)