दूरसंचार विभाग ने मूल्यवर्धित सेवाओं का शुल्क बिल में जोड़ने, प्रीपेड बैलेंस से राशि काटने की सीमा तय की

मोबाइल उपभोक्‍ता अब किसी सेवा या मोबाइल सामग्री को डाउनलोड करने के लिए एक बार में 20,000 रुपये से ज्यादा का भुगतान अपने प्रीपेड की बैलेंस राशि या पोस्टपेड बिल के माध्यम से नहीं कर सकते. दूरसंचार विभाग ने इस संबंध में राशि की सीमा तय कर दी है.

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

मोबाइल उपभोक्‍ता अब किसी सेवा या मोबाइल सामग्री को डाउनलोड करने के लिए एक बार में 20,000 रुपये से ज्यादा का भुगतान अपने प्रीपेड की बैलेंस राशि या पोस्टपेड बिल के माध्यम से नहीं कर सकते. दूरसंचार विभाग ने इस संबंध में राशि की सीमा तय कर दी है.

विभाग ने एक आदेश में कहा कि अब मोबाइल उपभोक्‍ता अपने फोन से सभी शुल्क वाली (पेड) डिजिटल सामग्री को डाउनलोड कर सकते हैं और इसके लिए अपने प्रीपेड बैलेंस और पोस्टपेड बिल भुगतान प्रणाली का उपयोग कर सकते हैं लेकिन इसके तहत हर बार अधिकतम 20,000 रुपये तक का ही भुगतान किया जा सकता है.

कई उपभोक्‍ता अभी मोबाइल एप्लीकेशन, ई-बुक, फिल्म इत्यादि डिजिटल सामग्रियों को डाउनलोड करने के लिए अपने प्रीपेड बैलेंस का उपयोग करते हैं या यह राशि उनके पोस्टपेड बिल में जोड़ दी जाती है.

उल्लेखनीय है कि इस सुविधा से उन उपभोक्‍ताओं को मदद मिलती है जिनके पास डेबिट, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग की सुविधा नहीं होती है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

लेखक NDTV Profit Desk