भारत में तमाम क्षेत्रों में विदेशी निवेश यानी एफडीआई के लिए नियमों में छूट देने और निवेश की सीमा बढ़ाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत आज देश की सबसे खुली अर्थव्यवस्था है। इससे देश में विदेशी पैसा आएगा और लोगों को नौकरियां मिलेंगी लेकिन, एफडीआई का सच क्या है?
सोमवार को वित्तमंत्री जेटली के बयान और प्रधानमंत्री मोदी के ट्वीट से विदेशी निवेश को लेकर एक बहुत आशावादी तस्वीर बनी। भारत ने नौ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाई और नियमों को आसान किया है। इसी के साथ सरकार ने देश में रिकॉर्ड एफडीआई लाने का दावा किया है।
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एफडीआई पर रिसर्च कर रहे प्रो. के एस चलपति राव का बयान
15 साल में देश के भीतर करीब 28 लाख करोड़ रुपये से अधिक का विदेशी निवेश हुआ
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एफडीआई पर रिसर्च कर रहे प्रो. बिश्वजीत धर का बयान
विदेशी कंपनियां अक्सर हमारे देश से ही कमाये गये पैसे को ही दोबारा यहां निवेश करती हैं
एफडीआई से कितनी नौकरियां लोगों को मिली, कोई आंकड़ा नहीं