करोड़पति कर्मचारियों वाली इस कंपनी ने इन्फोसिस को पीछे छोड़ा

वेतन के मामले में अक्सर कंपनियों को कंजूसी बरते देखा जाता है लेकिन सभी संस्थाएं एक जैसी नहीं होती। कुछ कंपनियों में कर्मचारी करोड़ों में कमा रहे हैं।

HUL ने करोड़पति कर्मियों के मामले में इंफोसिस को पछाड़ा

अब एक ऐसी ख़बर जिसे पढ़कर एक बार के लिए ही सही इस कंपनी में नौकरी करने का मन बन सकता है। जल्दी बिकने वाली उपभोक्ता वस्तु यानि एफएमसीजी बनाने वाली भारत की सबसे बड़ी कंपनी हिंदुस्तान युनिलीवर की हालिया वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक वह सबसे ज्यादा तनख्वाह देने वाली कंपनियों में से एक है।

इस रिपोर्ट के अनुसार भारत की दूसरी सबसे बड़ी आउटसोर्सर इंफोसिस की तुलना में हिंदुस्तान युनिलीवर के कई कर्मचारी सालाना एक करोड़ से भी ज्यादा की तनख्वाह पाते हैं। एचयुएल की 2014-15 की सालाना रिपोर्ट कहती है कि करीब 170 कर्मचारी ऐसे हैं जिनकी सकल सालाना तनख्वाह एक करोड़ से भी ज्यादा है। जबकि इंफोसिस के पास ऐसे केवल 113 लोग हैं। एचयुएल की इस लिस्ट में सबसे ऊपर नाम 54 साल के संजीव मेहता का आता है जो कंपनी के सीईओ और एमडी हैं और स्टॉक ऑपश्न्स आदि को मिलाकर इनकी तनख्वाह 14 करोड़ से भी ऊपर है।

आईटी कंपनियों की तरह एचयुएल में भी कई युवा कर्मचारी हैं जो काफी भारी वेतन पाते हैं। 2014-15 में एक करोड़ से ज्यादा की पगार पाने वाले करीब पचास प्रतिशत कर्मचारी तीस से चालीस की उम्र के बीच हैं। जानकारों का कहना है कि इस तरह भारी वेतन देने का मकसद साफ तौर पर योग्य लोगों को कंपनी में बनाए रखना है, ख़ासतौर पर तब जब युवाओं में  खुद का कारोबार शुरु करने का चलन बढ़ता जा रहा है।

गौरतलब है कि एचयुएल, एंग्लो-डच कंज़्युमर ग्रुप युनिलीवर की सहायक कंपनी है जो रोज़मर्रा के सामान जैसे लक्स साबुन, लिप्टन चाय और डव शैम्पू जैसे उत्पाद बनाती है जो देश भर में किराने की दुकान और बड़ी रिटेल शॉप पर बेचे जाते हैं।

लेखक NDTV.com