फिर से आठ प्रतिशत वृद्धि हासिल करना तात्कालिक चुनौती : मुखर्जी

पिछले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर में गिरावट के मद्देनजर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि देश के समक्ष नरमी के मौजूदा दौर से बाहर निकलकर फिर से आठ प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हासिल करने की तात्कालिक चुनौती है।

पिछले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर में गिरावट के मद्देनजर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि देश के समक्ष नरमी के मौजूदा दौर से बाहर निकलकर फिर से आठ प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हासिल करने की तात्कालिक चुनौती है।

मुखर्जी ने इंस्टीच्यूट ऑफ इंजीनियर्स द्वारा आयोजित 28वीं सालाना भारतीय इंजीनियरिंग कांग्रेस के उद्घाटन के मौके पर कहा, इस कांग्रेस का आयोजन ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया आर्थिक संकट के दूसरे दौर के असर से उबर रही है। भारत पर भी वैश्विक मंदी का असर रहा है।

उन्होंने कहा, पिछले दो साल के दौरान हमारी आर्थिक वृद्धि दर कम हुई है। वित्त वर्ष 2012-13 में यह पिछले 5 प्रतिशत रही, जो कि पिछले एक दशक में सबसे न्यूनतम वृद्धि रही है। पूर्व वित्त मंत्री मुखर्जी ने कहा, हमारी तात्कालिक चुनौती नरमी की इस स्थिति को पलटना है और वृद्धि की रफ्तार को वापस आठ प्रतिशत के स्तर पर लाना, जो पिछले कुछ वर्षों में रही थी।

लेखक NDTV Profit Desk