...तो बाकी देशों के साथ भारत को मिल जाएगा 5जी!

भारत को बाकी दुनिया के देशों के साथ 5जी मिलने की संभावना है. दूरसंचार सचिव जेएस दीपक ने बुधवार को कहा कि हम इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) में प्रवेश कर रहे हैं, ऐसे में इस बात की संभावना है कि देश को 5जी शेष दुनिया के साथ मिले.

भारत को बाकी दुनिया के देशों के साथ 5जी मिलने की संभावना है. दूरसंचार सचिव जेएस दीपक ने बुधवार को कहा कि हम इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) में प्रवेश कर रहे हैं, ऐसे में इस बात की संभावना है कि देश को 5जी शेष दुनिया के साथ मिले.

दीपक ने कहा, "हमें 2जी शेष दुनिया से 25 साल बाद मिला, कम से कम विकसित दुनिया से. इसी तरह हमें 3जी उस समय मिला जबकि एक दशक पहले यह अमेरिका और यूरोप पहुंच चुका है. इसी तरह 4जी उसे वैश्विक रूप से पेश किए जाने के पांच वर्ष बाद हमारे पास पहुंचा. 5जी के मामले में ऐसी संभावना है कि यह हमें शेष दुनिया के साथ ही मिलेगा."

उन्होंने कहा कि 5जी की शुरुआत शेष दुनिया और भारत में साथ-साथ हो सकती है. इससे हमें पहले से चल रहे अंतर को पाटने में मदद मिलेगी. ऐसा भी संभव है कि भारत एक कदम आगे बढ़ते हुए कुछ क्षेत्रों में अग्रणी स्थान हासिल करे, क्योंकि हम कनेक्टेड उपकरणों तथा मशीनों के साथ आईओटी में प्रवेश कर रहे हैं.

दीपक ने पहली आईओटी इंडिया कांग्रेस के उद्घाटन के बाद ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि आईओटी से अगले पांच-छह साल में कनेक्टेड उपकरणों की संख्या 50 अरब हो जाएगी. इससे भारत को कम से कम 15 अरब डालर के कारोबारी अवसर मिलेंगे. इस सम्मेलन में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने रिकॉर्ड किए वीडियो संदेश में कहा कि आईओटी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कनेक्टेड उपकरण आज समय की जरूरत हैं.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

लेखक Bhasha