प्रधानमंत्री का भाषण 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का पेश करता है खाका: भारतीय उद्योग

उद्योग संगठनों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में पिछले एक दशक में अपनी सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करने के साथ ही भारत को वर्ष 2047 तक विकसित बनाने का खाका भी पेश किया.

प्रतीकात्मक तस्वीर.

उद्योग संगठनों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में पिछले एक दशक में अपनी सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करने के साथ ही भारत को वर्ष 2047 तक विकसित बनाने का खाका भी पेश किया. पीएम मोदी ने 77वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से अपने भाषण में कहा कि भारत एक निर्णायक मोड़ पर है और इसमें कोविड महामारी के बाद उभर रही नई विश्व व्यवस्था को आकार देने की ताकत है.

उन्होंने देशवासियों को अगले पांच वर्षों में उज्ज्वल भविष्य के साथ ''नए भारत'' का आश्वासन भी दिया.

उद्योग मंडल सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने भरोसा जताया कि भारत को तीसरी सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था बनाने का प्रधानमंत्री का संकल्प अगले पांच वर्षों में आसानी से साकार हो जाएगा.

बनर्जी ने कहा, ''प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में जिन उपलब्धियों और लक्ष्यों का उल्लेख किया, उसने वास्तव में अमृत काल में अग्रणी वैश्विक महाशक्ति के रूप में भारत के उदय के लिए सही पृष्ठभूमि तैयार की है.''

उद्योग मंडल एसोचैम के महासचिव दीपक सूद ने भी कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से मोदी का संबोधन 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को आगे बढ़ाएगा.

सूद ने कहा, ''भारत ने निश्चित रूप से समानता के साथ स्वच्छ ऊर्जा, वैश्विक शांति और समृद्धि जैसे कई परिवर्तनकारी क्षेत्रों में दुनिया का नेतृत्व करने की पहल की है.''

लेखक NDTV Profit Desk