रिलायंस जियो विवाद : ट्राई ने अपनाया सख्‍त रुख, ऑपरेटरों से नेटवर्क जाम की स्थिति पर ब्‍यौरा मांगा

मौजूदा ऑपरेटरों तथा रिलायंस जियो के बीच जारी कनेक्टिविटी विवाद में सख्त रुख अपनाते हुए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सेवा गुणवत्ता उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी देते हुए सभी सेवा प्रदाताओं से अपने नेटवर्क में जाम (कन्जेशन) की स्थिति पर ब्‍यौरा मांगा है.

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

मौजूदा ऑपरेटरों तथा रिलायंस जियो के बीच जारी कनेक्टिविटी विवाद में सख्त रुख अपनाते हुए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सेवा गुणवत्ता उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी देते हुए सभी सेवा प्रदाताओं से अपने नेटवर्क में जाम (कन्जेशन) की स्थिति पर ब्‍यौरा मांगा है.

रिलायंस जियो की शिकायत कि मौजूदा ऑपरेटर मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) की अनुमति नहीं दे रहे हैं, पर कार्रवाई करते हुए ट्राई ने ऑपरेटरों से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगा है.

ट्राई के चेयरमैन आर एस शर्मा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''आज हमने सभी दूरसंचार सेवाप्रदाताओं से यह पूछा है कि उनके पॉइंट आफ इंटरकनेक्शन (पीओआई) में जाम का स्तर क्या है.'' शर्मा ने टावर एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोएिशन के एक कार्यक्रम के मौके पर अलग से कहा कि ट्राई ने 15 से 19 सितंबर तक के आंकड़े मांगे हैं कि दैनिक आधार पर कितनी कॉल की गईं और इनमें से कितनी विफल रहीं.

इससे पीओआई में कन्जेशन के स्तर का पता चल सकेगा.

मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस जियो ने मौजूदा दूरसंचार कंपनियों भारती एयरटेल, वोडाफोन तथा आइडिया सेल्युलर पर कॉल पूरा करने के लिए जरूरत से कम पीओआई उपलब्ध कराने का आरोप लगाया है. इससे रिलायंस जियो और अन्य नेटवर्क पर 75 से 89 प्रतिशत कॉल विफल हो रही हैं.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

लेखक Bhasha