तो इस वजह से बढ़ा भारत में विदेशी पूंजी निवेश

भारत ने अपनी नीतियों में मई से एफडीआई, शुल्क और सीमाशुल्क प्रक्रियाओं में उल्लेखनीय बदलाव किए हैं, जिससे भारतीय बाजार में अमेरिका व्यापार और निवेश की पहुंच बढ़ी है। यह बात एक संघीय आयोग ने कही।

प्रतीकात्मक तस्वीर

भारत ने अपनी नीतियों में मई से एफडीआई, शुल्क और सीमाशुल्क प्रक्रियाओं में उल्लेखनीय बदलाव किए हैं, जिससे भारतीय बाजार में अमेरिका व्यापार और निवेश की पहुंच बढ़ी है। यह बात एक संघीय आयोग ने कही।

एक संसदीय समिति के अनुरोध पर अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय व्यापार आयोग (यूएसआईटीसी) ने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद सरकार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई), शुल्क और सीमाशुल्क प्रक्रियाओं, स्थानीय सामग्री और स्थानीकरण तथा मानकों एवं तकनीकी नियमनों के संबंध में अपनी नीतियों में उल्लेखनीय बदलाव किए हैं।

यूएसआईटीसी ने गुरुवार को जारी रिपोर्ट में कहा कि मई 2014 से भारत ने बीमा एवं रक्षा उद्योगों में बीमा सीमा बढ़ाई है, विभिन्न उद्योगों में निवेश पूर्व मंजूरी की अनिवार्यता हटी है और रेलवे उद्योग के कुछ हिस्सों में एफडीआई की मंजूरी मिली है। यूएसआईटीसी ने संसद को अपनी जांच रिपोर्ट में कहा 'इन बदलावों से भारत को कुल निवेश प्रणाली सुधारने में मदद मिली है।'

 

लेखक Reported by Bhasha