अपनी विरासत को लेकर डरे हुए हैं रतन टाटा, साइरस मिस्त्री ने लगाया आरोप

टाटा संस के हटाए गए चेयरमैन साइरस मिस्त्री ने सोमवार को आरोप लगाया कि रतन टाटा में अपनी विरास को लेकर असुरक्षा की भावना है. मिस्त्री के अनुसार टाटा ने यह संकेत देने की कोशिश की है कि उन्हें अपनी इच्छा के अनुसार बिना किसी को बताए या स्पष्टीकरण दिए फैसला करने का पूरा अधिकार है.

साइरस मिस्‍त्री के साथ रतन टाटा (फाइल फोटो)

टाटा संस के हटाए गए चेयरमैन साइरस मिस्त्री ने सोमवार को आरोप लगाया कि रतन टाटा में अपनी विरास को लेकर असुरक्षा की भावना है. मिस्त्री के अनुसार टाटा ने यह संकेत देने की कोशिश की है कि उन्हें अपनी इच्छा के अनुसार बिना किसी को बताए या स्पष्टीकरण दिए फैसला करने का पूरा अधिकार है.

मिस्त्री ने टाटा समूह की उन छह कंपनियों के शेयरधारकों को भेजे पत्र में उक्त आरोप लगाया है जिनकी असधारण आम बैठकें होने जा रही हैं. इन बैठकों में मिस्त्री को निदेशक पद से हटाने के प्रस्ताव पर फैसला होना है. इसमें मिस्त्री ने कहा है कि उन्होंने टाटा को पूरा ‘सम्मान’ दिया.

उन्होंने कहा, ‘वास्तव में कोई भी सेवानिवृत्त चेयरमैन अपनी विरासत को लेकर चिंतित हो सकता है कि उसको खतरा है. लेकिन एक सेवानिवृत्त चेयरमैन बिना असुरक्षा की भावना के आगे बढ़ सकता है और यह समझ सकता है कि किसी समय किया गया फैसला भले सही हो लेकिन हो सकता है कि किसी अन्य समय वही फैसला सही नहीं हो.’

टाटा मोटर्स के शेयरधारकों को पत्र में मिस्त्री ने आरोप लगाया है कि रतन टाटा ने कंपनी में ‘उत्पादकता से सम्बद्ध प्रोत्साहन’ शुरू करने के लिए एक ‘महत्वपूर्ण सुधार’ में अड़ंगा लगाया. मिस्त्री ने इसके साथ ही इस कंपनी की श्रमिक यूनियनों से सहयोग मांगा है.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

लेखक NDTV Profit Desk