आईएमएफ को पूरा यकीन, भारतीय अर्थव्यवस्था के आएंगे 'अच्छे दिन'

आईएमएफ ने भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर को लेकर भरोसा जताते हुए कहा कि लंबे समय से आपूर्ति संबंधी बाधाओं को दूर करने और तेज व अधिक समावेशी वृद्धि हासिल करने के लिए और प्रगति किए जाने की जरूरत है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर को लेकर भरोसा जताते हुए कहा कि लंबे समय से आपूर्ति संबंधी बाधाओं को दूर करने और तेज व अधिक समावेशी वृद्धि हासिल करने के लिए और प्रगति किए जाने की जरूरत है।

आईएमएफ के एशिया व प्रशांत विभाग की उप निदेशक कल्पना कोचर ने कहा, 'हम भारत की वृद्धि की संभावनाओं को लेकर आशान्वित हैं। मुद्रास्फीति में नरमी आई है, चालू खाते का घाटा काबू में है और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा भंडार पर्याप्त है... आर्थिक वृद्धि तेज है।' कोचर ने विभिन्न सकारात्मक घटनाक्रमों को गिनाते हुए कहा कि कई महत्वपूर्ण आर्थिक एवं ढांचागत सुधार के लिए भी पहल की गई है।

कोचर ने बताया,  'इन सुधारों में डीजल कीमतों को नियंत्रण मुक्त करना, अधिक लचीले श्रम बाजार के निर्माण के लिए कदम उठाना, कोयला क्षेत्र में सुधार, ढांचागत क्षेत्र पर खर्च बढ़ाना और वित्तीय समावेश बढ़ाने के लिए कदम उठाना शामिल हैं।' उन्होंने कहा,  'लेकिन लंबे समय से आ रही आपूर्ति संबंधी बाधाओं (खासकर ऊर्जा, खनन और बिजली क्षेत्रों में) को दूर करने और तेज व अधिक समावेशी वृद्धि हासिल करने के लिए और प्रगति की जरूरत है।'

आईएमएफ ने अभी हाल ही में एक रिपोर्ट में कहा था कि भारत की वृद्धि को हाल ही में किए गए नीतिगत सुधारों से फायदा होगा। साथ ही इसने 2016 के लिए भारत की वृद्धि दर 7.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया है, जबकि चीन के लिए उसका अनुमान 6.3 फीसदी की वृद्धि दर का है।

लेखक Reported by Bhasha