शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) की बुक वैल्यू से दोगुनी तो उसकी नॉन-कोर एसेट है. ये नॉन कोर एसेट कुछ वक्त बाद अपने आप में एक अलग कंपनी बनने वाली है.
इस नई इकाई का नाम शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लैंड एंड एसेट्स लिमिटेड (SCILAL) होगा. एनारॉक रिसर्च (Anarock Research) से मिले डेटा और NDTV Profit की रिसर्च को देखें, तो इसके पास मुंबई और कोलकाता में कई अपार्टमेंट्स हैं, जिनकी कुल मार्केट वैल्यू 4,929 करोड़ रुपये की है.
हालांकि, इसमें मुंबई स्थित शिपिंग हाउस शामिल नहीं है, जिसकी मौजूदा मार्केट वैल्यू 708 करोड़ रुपये की है. ये एक लीज प्रॉपर्टी है और SCILAL को इससे सालाना 30 करोड़ रुपये का किराया मिलता है.
बाजार पर नजर डालें, तो कुल एसेट के आधार पर एक शेयर की कीमत 121.43 रुपये होगी, वहीं बुक वैल्यू 66.64 रुपये की होगी. इसके आधार पर शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया का मार्केट कैपिटलाइजेशन 10,300 करोड़ रुपये होगा, जो कि शेयरधारकों के लिए एक बड़ा मौका होगा.
शिपिंग कॉरपोरेशन बोर्ड ने मई 2023 में SCI की नॉन-कोर एसेट्स को डीमर्ज कर SCILAL के नाम से एक नई कंपनी बनाने को मंजूरी दी थी. इसमें शिपिंग हाउस, मुंबई और मैरिटाइम ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, पोवई शामिल हैं.
SCI की बैलेंसशीट पर नजर डालें, तो 31 मार्च 2021 के वक्त नॉन-कोर एसेट्स की कुल लागत 2,388 करोड़ रुपये की थी.
31 मार्च 2021 को कंपनी की कुल एसेट 3,115.21 करोड़ रुपये की थी, जिसमें 1,000 करोड़ रुपये का कैश बैलेंस भी शामिल था. बुक्स में फ्रीहोल्ड एसेट्स पर नजर डालें, तो कंपनी की कुल एसेट्स की कीमत बुक वैल्यू से 82% ज्यादा यानी करीब 5,656 करोड़ रुपये की थी.
31 मार्च 2021 को, कंपनी पर लीज को मिलाकर कुल कर्ज 273 करोड़ रुपये का था और कुल निवेश 6.68 लाख रुपये का था.
सरकार SCI से अगल हुए इस कंपनी को अगले महीने शेयर बाजार में लिस्ट करा सकती है. डीमर्जर को लेकर इसके लिए मंजूरी पहले ही दी जा चुकी है और इसके लिए शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया एंड एसेट्स लिमिटेड को मिलने वाले शेयरों का भी निर्धारण हो चुका है. DIPAM सेक्रेटरी तुहिन कांता पांडेय (Tuhin Kanta Pandey) ने NDTV Profit को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में इस पर जानकारी दी.
SCILAL के बोर्ड का निर्माण भी अभी कुछ वक्त पहले किया गया था और कुछ ही वक्त में कंपनी भी शेयर बाजार में लिस्ट हो जाएगी.
केंद्र का प्लान कंपनी की इन एसेट्स को मोनेटाइज करने का है, जिसकी 31 मार्च 2021 को मार्केट वैल्यू 3,850.7 करोड़ रुपये की है.
शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के शेयरधारकों को कंपनी के एक शेयर के बदले SCILAL का एक शेयर मिलेगा.
इसके साथ ही, इन लैंड व एसेट्स, जो अभी शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के अंतर्गत आते हैं, का क्लियरेंस और नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) के आधार पर SCILAL में विलय किया जाएगा.
इस डीमर्जर के लिए महाराष्ट्र सरकार ने स्टांप ड्यूटी के चार्ज को निःशुल्क करने का फैसला किया है. लीज में बदलाव के लिए NoC की जरूरत होगी, जिससे SCI की डीमर्ज की गई इकाई के ट्रांजैक्शन में कोई परेशानी न हो. लिस्टिंग और NoC का काम पूरा होने पर, SCI फिर से फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन कर सकेगी.