मई में 12% बढ़ा GST कलेक्शन, 1.57 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा

मई में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन 1.57 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है.

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देश का गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन मई में भी 1.5 लाख करोड़ रुपये के पार रहा है. अप्रैल में हुए ट्रांजैक्शन्स के लिए मई में कुल GST कलेक्शन 1,57,090 करोड़ रुपये रहा है. वित्त मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी हुए डेटा के मुताबिक, इसमें एक साल पहले के मुकाबले 12% की बढ़ोतरी हुई है. कलेक्शन FY24 के पहले महीने के रेवेन्यू को दिखाता है.

मार्च में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था कलेक्शन

इससे पहले FY23 के आखिरी महीने मार्च में ये 1.87 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड ऊंचे स्तर पर रहा था. GST डेटा को एक महीने बाद जारी किया जाता है और ये पिछले महीने के ट्रांजैक्शन्स से संबंधित होता है.

GST कलेक्शन में किसका कितना हिस्सा

कुल GST में सेंट्रल GST 28,411 करोड़ रुपये है. वहीं, राज्यों के लिए GST 35,828 करोड़ रुपये है. उधर, इंटीग्रेटेड GST 81,363 करोड़ रुपये है. इसमें सामानों के आयात से जमा 41,772 करोड़ रुपये भी शामिल हैं. इसके अलावा 11,489 करोड़ रुपये का सेस है. इस सेस में सामानों के आयात पर जमा 1,057 करोड़ रुपये शामिल हैं.

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी रिलीज के मुताबिक, सामानों के आयात से जमा रेवेन्यू महीने में 12% ज्यादा रहा है. इसके अलावा घरेलू ट्रांजैक्शन्स से रेवेन्यू (जिसमें सामानों का आयात शामिल है) पिछले साल के समान महीने के दौरान इन स्रोतों से जमा रेवेन्यू से 11% ज्यादा रहा है.

महाराष्ट्र और कर्नाटक में सबसे ज्यादा कलेक्शन

राज्यों की बात करें, तो महाराष्ट्र के बाद कर्नाटक सबसे ज्यादा कमाई वाला राज्य रहा है. महाराष्ट्र में कलेक्शन सालाना आधार पर 16% बढ़ा है. जबकि, कर्नाटक में 10,317 करोड़ रुपये का GST कलेक्शन हुआ है. ये पिछले साल के समान महीने के कलेक्शन से 12% का उछाल दिखाता है.

मई में कलेक्शन की वॉल्यूम की बात करें, तो अन्य दूसरे मुख्य कमाई वाले राज्यों में गुजरात (9,800 करोड़ रुपये), तमिलनाडु (8953 करोड़ रुपये), उत्तर प्रदेश (7,468 करोड़ रुपये) और हरियाणा (7250 करोड़ रुपये) शामिल हैं.

इस बीच पंजाब और छत्तीसगढ़ के कलेक्शन में पिछले साल की मई के कलेक्शन के मुकाबले नेगेटिव ग्रोथ देखने को मिली है. मणिपुर में मई महीने के GST कलेक्शन में सबसे बड़ी गिरावट आई है. मई 2023 में ये 47 करोड़ रुपये से घटकर 39 करोड़ रुपये पर आ गया है. इसमें 17% की गिरावट आई है.