लेक्स फ्रिडमैन के पॉडकास्‍ट में बोले PM मोदी- उपवास सिर्फ 'खाना छोड़ना' नहीं, ये जीवन गढ़ने की वैज्ञानिक प्रक्रिया

करीब तीन घंटे लंबी बातचीत में PM मोदी ने जीवनशैली, भारतीय संस्कृति और व्यक्तिगत अनुभवों पर खुलकर चर्चा की.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ चर्चित पॉडकास्ट आज रिलीज हो गया. करीब तीन घंटे लंबी बातचीत में PM मोदी ने जीवनशैली, भारतीय संस्कृति और व्यक्तिगत अनुभवों पर खुलकर चर्चा की.

इस दौरान जब लेक्स फ्रिडमैन ने उनसे उपवास (फास्टिंग) के बारे में सवाल पूछा, तो प्रधानमंत्री ने ना सिर्फ इसके फायदे बताए, बल्कि ये भी बताया कि उपवास उनके जीवन को कैसे दिशा देता है.

PM मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि उपवास महज भूखा रहने का नाम नहीं है, बल्कि ये अपने शरीर, मन और बुद्धि को ऊंचाई पर ले जाने की वैज्ञानिक प्रक्रिया है. उन्होंने कहा, 'उपवास जीवन को गढ़ने का काम करता है.'

उपवास से बढ़ती है इन्द्रियों की क्षमता

प्रधानमंत्री ने उपवास के फायदे गिनाते हुए बताया कि जब कोई व्यक्ति उपवास करता है तो उसकी इन्द्रियां बेहद सक्रिय हो जाती हैं. 'उपवास के बाद आपकी इन्द्रियां इतनी सजग हो जाती हैं कि पानी तक की महक भी आनी शुरू हो जाती है. फूलों की खुशबू, चाय-कॉफी की सुगंध भी बहुत तेज महसूस होती है.' PM मोदी ने कहा कि उपवास के चलते विचारों में भी नया प्रवाह आता है, जिससे ‘आउट ऑफ द बॉक्स’ सोचने की क्षमता बढ़ती है.

‘उपवास सिर्फ भूखा रहना नहीं, ये है वैज्ञानिक प्रोसेस’

बहुत से लोग मानते हैं कि उपवास मतलब खाना छोड़ देना, लेकिन PM मोदी इससे इत्तेफाक नहीं रखते. उन्होंने कहा, 'किसी को मजबूरी में खाना न मिले, तो क्या वो उपवास कहलाएगा? उपवास सिर्फ भूखे रहने का नाम नहीं है. ये अपने शरीर और मन को तैयार करने की वैज्ञानिक प्रक्रिया है.'

PM मोदी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उपवास से पहले वे 5-6 दिन तक योगा और आयुर्वेदिक तरीकों से अपने शरीर को तैयार करते हैं. शरीर को आंतरिक रूप से साफ करने की प्रक्रिया अपनाते हैं. 'मैं बहुत सारा पानी पीता हूं ताकि बॉडी पूरी तरह से रेडी हो जाए. उसके बाद उपवास शुरू करता हूं. मेरे लिए उपवास एक डिसिप्लिन है, कोई दिखावा नहीं.'

पहला उपवास महात्मा गांधी के आंदोलन से जुड़ा

PM मोदी ने बताया कि उनका पहला उपवास तब हुआ, जब वे स्कूल में पढ़ते थे. महात्मा गांधी द्वारा गो-रक्षा के लिए चलाए जा रहे आंदोलन के दौरान पूरे देश में सार्वजनिक उपवास का आह्वान हुआ था. उसी समय उनका मन हुआ कि वे भी उपवास करें. 'मैंने उस छोटी उम्र में उपवास रखा और हैरानी की बात ये रही कि मुझे भूख भी नहीं लगी,' उन्होंने कहा.

इसके बाद PM मोदी ने खुद पर कई प्रयोग किए, खुद को गढ़ा और उपवास को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना लिया. 'मेरी एक्टिविटी कभी रुकती नहीं. कई बार उपवास के दौरान भी जब विचार व्यक्त करने होते हैं, तो मुझे खुद आश्चर्य होता है कि ये विचार कहां से आ रहे हैं,' उन्होंने कहा.

‘हिंदू धर्म कोई पूजा-पद्धति नहीं, जीवन जीने की शैली है’

बातचीत के दौरान PM मोदी ने भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का जिक्र करते हुए कहा, 'हिंदू धर्म कोई पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि एक जीवन जीने की पद्धति है. भारत की धार्मिक परंपराएं असल में जीवनशैली हैं.'

लेक्स बोले- मेरे जीवन की सबसे एपिक बातचीत

ये पॉडकास्ट करीब तीन घंटे का है, जिसे बीते दिनों रिकॉर्ड किया गया था. इसे लेकर लेक्स फ्रिडमैन ने कहा, 'PM नरेंद्र मोदी के साथ हुई बातचीत मेरे जीवन की सबसे पावरफुल बातचीत में से एक है.' उन्होंने इसे ‘एपिक’ करार देते हुए सोशल मीडिया पर शेयर किया.

Also Read: ओबेसिटी के खिलाफ PM मोदी की मुहिम, जानें क्या हैं कारण और बचाव