सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड्स क्या होते हैं, इसमें कैसे निवेश किया जा सकता है

सरकार ग्रीन बॉन्ड जारी करके इस इस वित्त वर्ष में 16,000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है. सरकार की तरफ से ग्रीन बॉन्ड रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया जारी करता है.

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आपने सरकारी बॉन्ड या सॉवरेन, कॉर्पोरेट बॉन्ड के बारे में तो सुना होगा और शायद जानते भी होंगे. लेकिन ये सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड क्या होते हैं. क्या ये सामान्य सॉवरेन बॉन्ड से अलग होते हैं. और इनमें निवेश कैसे किया जा सकता है, आज इसी को समझते हैं.

सॉवरेन बॉन्ड्स क्या होता है

देखिए, सरकार को हर काम के लिए पैसों की जरूरत होती है, जैसे सड़क, पुल या अन्य कोई दूसरे सामाजिक काम, तो उसके पास पैसे जुटाने के कई रास्ते होते हैं, उसी में से एक रास्ता है बॉन्ड जारी करके पैसे जुटाने का.

इसमें सरकार एक तय अवधि के लिए बॉन्ड जारी करती है, और लोगों से पैसे लेती है, ये सरकार के ऊपर कर्ज होता है, जो उसे लोगों को लौटाना भी होता है. सरकार इस बॉन्ड पर फिक्स ब्याज भी देती है.

सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड्स को समझिए

जब सरकार को किसी पर्यावरण से जु़ड़े प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए पैसों की जरूरत होती है, जैसे सोलर प्लांट लगाना हो, विंड एनर्जी प्लांट, छोटे मोटे हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स लगाने हों, क्लीन ट्रांसपोर्टेशन या फिर रीन्यूएबल एनर्जी का कोई दूसरा काम हो, तब इन कामों के लिए जो बॉन्ड जारी किए जाते हैं उसे सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड कहते हैं.

सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड्स से जुटाए गए इन पैसों का इस्तेमाल डी-कार्बनाइजेशन लक्ष्यों को हासिल करने में किया जाएगा, जिसमें 2070 तक नेट जीरो-एमिशन का लक्ष्य भी शामिल है. साथ ही 2030 तक एमिशन की तीव्रता को GDP के 45% तक कम करने का भी लक्ष्य है, इसके अलावा साल 2030 तक नॉन फॉसिल फ्यूल ईंधन स्रोतों की हिस्सेदारी 40% तक बढ़ानी है.

16,000 करोड़ के ग्रीन बॉन्ड

सरकार ग्रीन बॉन्ड जारी करके इस इस वित्त वर्ष में 16,000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है. सरकार की तरफ से ग्रीन बॉन्ड रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया जारी करता है. 25 जनवरी, 2023 को रिजर्व बैंक ने पहला ग्रीन बॉन्ड 8,000 करोड़ रुपये का जारी किया था, इसकी दूसरी किस्त 8000 करोड़ रुपये की 9 फरवरी, 2023 को जारी की.

इसमें दो मैच्योरिटी पीरियड के आधार पर बॉन्ड जारी किए गए हैं, 4,000 करोड़ रुपये बॉन्ड 5 साल की मैच्योरिटी वाले और 4,000 करोड़ रुपये के बॉन्ड 10 साल की मैच्योरिटी वाले हैं

RBI की ओर से जारी 5 साल की मैच्योरिटी वाला सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड (SGrB 2028) साल 2028 में मैच्योर होगा, जिसका कूपन रेट 7.10% है, आसान भाषा में समझें तो ब्याज दर. दूसरा जो 10 साल में मैच्योर होगा (SGrB 2033) यानी साल 2033 में, उसका कूपन रेट 7.29% है.

कैसे कर सकते हैं निवेश

अगर आप भी ग्रीन बॉन्ड में निवेश करना चाहते हैं तो आपको RBI की रिटेल डायरेक्ट वेबसाइट पर जाना है. या अगर आपके पास ब्रोकिंग डीमैट अकाउंट है तो आप वहां से भी निवेश कर सकते हैं