हैदराबाद की मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर ने 969 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे हैं. ये सभी बॉन्ड एक-एक करोड़ रुपये के हैं और कंपनी ने इन्हें अप्रैल 2019 से जनवरी 2024 के बीच खरीदा है. ये जानकारी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने चुनाव आयोग को मंगलवार को ही दी थी.
मेघा इंजीनियरिंग चुनाव में सबसे ज्यादा चंदा देने वालों में दूसरे स्थान पर है. इससे ज्यादा चंदा फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज ने दिया है, जिसने 1208 करोड़ रुपये के बॉन्ड खरीदे हैं.
ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक और मेघा इंजीनियरिंग में क्या है संबंध
मेघा इंजीनियरिंग ने अगस्त 2018 में ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक में 50.1% हिस्सेदारी खरीदी थी. इससे पहले ओलेक्ट्रा ने चीन की कंपनी BYD के साथ भारत में इलेक्ट्रिक बस बनाने की डील की थी.
उस वक्त ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक सिर्फ 1,000 करोड़ रुपये की कंपनी थी, लेकिन मार्च 2022 से मार्च 2023 के बीच कंपनी की आमदनी दोगुनी हो गई. यही नहीं पिछले एक साल में कंपनी के शेयरों में 150% से ज्यादा का उछाल आया है और अब इसका मार्केट कैप 14,700 करोड़ रुपये हो गया है.
मेघा इंजीनियरिंग को देश की सबसे ज्यादा वैल्यूएबल अनलिस्टेड कंपनियों में गिना जाता है. कंपनी की वैल्यूएशन 67,500 करोड़ रुपये आंकी गई है.