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BUDGET 2024: होम लोन पर अगर हो जाए ये ऐलान, तो घर खरीदारों के मजे ही मजे

अभी होम लोन के प्रिंसिपल पर 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है. अब 80C की लिमिट ही केवल 1.5 लाख रुपये है, जो कि इंश्योरेंस, स्कूल फीस और तमाम दूसरी टैक्स सेविंग्स से भर जाती है
NDTV Profit हिंदीमोहम्मद हामिद
NDTV Profit हिंदी01:30 PM IST, 08 Jul 2024NDTV Profit हिंदी
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बजट की तारीख का ऐलान हो गया है, एक बार फिर देश के नौकरीपेशा से लेकर बड़े बड़े उद्योगपतियों की उम्मीदें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर आकर टिक गई हैं. 23 जुलाई, 2024 को जब वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करने के लिए खड़ी होंगी, तो वो लम्हा ऐतिहासिक होगा. वो देश के इतिहास की पहली वित्त मंत्री होंगी जो लगातार 7 बार आम बजट पेश करेंगी, इसके पहले मोरारजी देसाई ने लगातार 6 बार बजट पेश किया था.

बजट में क्या चाहते हैं घर खरीदार? 

इन ऐतिहासिक पलों के बीच देश के आम आदमी की नजरें वित्त मंत्री पर होंगी, तमाम उम्मीदों और मांगों के बीच एक मांग जो काफी लंबे समय से रही है, वो है हाउसिंग लोन पर टैक्स राहतों को लेकर. घर खरीदने पर अभी 80C और IT एक्ट के तहत सेक्शन 24(b) के तहत टैक्स डिडक्शन मिलता है, बजट में इन दोनों पर मिलने वाली टैक्स छूट को बढ़ाने की मांग लंबे समय से की जा रही है. ऐसी ही कई और डिमांड्स भी हैं, सभी पर एक-एक करके आते हैं.

24(b) के तहत मिलने वाली टैक्स छूट बढ़े

होम लोन के इंटरेस्ट पर सेक्शन 24(b) के तहत अभी 2 लाख की टैक्स छूट मिलती है, इसे बढ़ाकर 5 लाख करने की मांग है. NAREDCO-महाराष्ट्र के प्रेसिडेंट प्रशांत शर्मा का कहना है कि घर खरीदने वालों के लिए टैक्स बेनेफिट्स बढ़ाने से, खास तौर पर 80C और धारा 24 (b) के तहत आवास की मांग को बहुत जरूरी बढ़ावा मिलेगा. होम लोन के इंटरेस्ट डिडक्शन की लिमिट बढ़ाने से आम आदमी के लिए घर खरीदना ज्यादा किफायती हो जाएगा.

CREDAI-MCHI के वाइस प्रेसिडेंट और त्रिधातु रियल्टी के को-फाउंडर और डायरेक्टर प्रीतम चिवुकुला का कहना है कि होम लोन के इंटरेस्ट के लिए सेक्शन 24(b) के तहत टैक्स डिडक्शन लिमिट को मौजूदा 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख करने से घर खरीदने वालों को जरूरी बढ़ावा मिलेगा. इस कदम से न केवल उनकी सामर्थ्य बढ़ेगी बल्कि आवासीय क्षेत्र में मांग भी बढ़ेगी.

होम लोन प्रिंसिपल के लिए अलग सेक्शन

अभी होम लोन के प्रिंसिपल पर 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है. अब 80C की लिमिट ही केवल 1.5 लाख रुपये है, जो कि इंश्योरेंस, स्कूल फीस और तमाम दूसरी टैक्स सेविंग्स से भर जाती है, ऐसे में होम लोन पर इस सेक्शन के तहत टैक्स छूट का कोई फायदा घर खरीदारों को नहीं मिल पाता है. इसलिए जरूरी है कि होम लोन प्रिंसिपल पर मिलने वाली टैक्स छूट को अलग से दिया जाए, यानी 80C से इसे अलग किया जाए और एक अलग से सेक्शन बनाया जाए. इसकी लिमिट को भी कम से कम 3 लाख रुपये होना चाहिए. तभी होम लोन ग्राहकों को इसका कोई फायदा मिल सकेगा. इसके दो फायदे होंगे, होम लोन लेने वाले को टैक्स की बचत होगी और हाउसिंग इंडस्ट्री को भी इससे जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा.

80EEA को फिर से लागू किया जाए

हाउसिंग फॉर ऑल (Housing for all) को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार ने साल 2019 के बजट में अफोर्डेबल हाउसिंग की खरीद पर टैक्स में अतिरिक्त फायदा देने के लिए धारा 80EEA का ऐलान किया था. इसके तहत पहली बार घर खरीदने वाले लोगों को होम लोन के ब्याज पर 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त छूट मिलती थी, जो कि 24(b) की 2 लाख रुपये की छूट के अलावा होती थी. ये स्कीम 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2022 के बीच चलाई गई. यानी इस दौरान जिन लोगों ने पहली बार घर खरीदा है, वो ही इस छूट का फायदा ले सकते थे. ये स्कीम खत्म हो चुकी है, इंडस्ट्री चाहती है कि इस स्कीम को दोबारा शुरू किया जाए, क्योंकि इस स्कीम से पहली बार घर खरीदने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा.

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