वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने गुरुवार को अंतरिम बजट (Interim Budget) पेश किया. बजट स्पीच के दौरान वित्त मंत्री ने युवाओं और गरीबों से जुड़ी बातों पर खास फोकस रखा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात दोहराते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा, 'आज सिर्फ चार ही जातियां हैं, गरीब, युवा, महिला और किसान.' कुलमिलाकर बजट का एक बड़ा हिस्सा इन्हीं चार वर्ग पर केंद्रित रहा.
सीतारमण ने कहा कि मोदी सरकार की प्राथमिकता युवाओं को मजबूत करने की है. इसके तहत सरकार नई शिक्षा नीति लेकर आई. साथ ही स्किल डेवलपमेंट के जरिए लाखों युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है. दूसरी तरफ बड़े स्तर पर हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट खोले गए हैं.
जानते हैं इस बजट में वित्त मंत्री ने युवा और गरीबों को लेकर सरकार की तरफ से क्या कहा और क्या नए ऐलान किए.
निर्मला सीतारमण ने बीते दस साल में मोदी सरकार द्वारा खोले गए बड़े शैक्षणिक संस्थानों के बारे में भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, 'बीते 10 साल में सरकार ने 7 IIT, 16 IIIT, 7 IIM, 15 AIIMS, 390 यूनिवर्सिटीज और 3,000 ITI खोली हैं.'
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बताया कि स्किल इंडिया मिशन ने 1.4 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षित किया है. स्किल इंडिया मिशन ने 54 लाख लोगों को कुशल बनाया है, साथ ही स्किल इंडिया मिशन ने 3000 नए ITIs बनाए हैं.
वित्त मंत्री ने कहा कि बीते 10 साल में देश के 25 करोड़ लोग गरीब रेखा से बाहर आए हैं. PM स्वानिधि ने 78 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को लोन मुहैया कराया है. 2.3 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को तीसरी बार क्रेडिट मिला है. PM जन धन के तहत 34 लाख करोड़ रुपये के DBT से सरकार को 2.7 लाख करोड़ की बचत हुई.
वित्तमंत्री ने कहा कि कोरोना के झटके के बावजूद भारत तेज गति से बढ़ता आ रहा है. हमने रिकॉर्ड टाइम में हर घर जल, बैंक अकाउंट ओपनिंग, हर घर आवास जैसी योजनाओं को पूरा किया है. इतना ही नहीं, इस दौरान 80 करोड़ गरीब लोगों को राशन उपलब्ध करवाया गया है.
उन्होंने कहा कि 'पहले सामाजिक न्याय महज एक राजनीतिक नारा हुआ करता था, लेकिन आज संसाधनों को निष्पक्ष रूप से सभी में बराबर बांटा जा रहा है. सिस्टम से जुड़ी दिक्कतों को दूर किया जा रहा है.'
सीतारमण ने बताया कि सरकार मध्यम वर्ग के लिए अलग आवास योजना लाएगी. कुल मिलाकर अगले 5 साल में 2 करोड़ नए घर बनाए जाएंगे. इसके तहत किराए पर और झुग्गियों में रहने वाले लोगों को पात्रता के आधार पर घर दिए जाएंगे. ये घर मध्यम श्रेणी के होंगे. बता दें मोदी सरकार पहले ही गरीबों के लिए 3 करोड़ घरों का निर्माण कर चुकी है.