वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने मोदी सरकार 3.0 का पहला 'FULL YEAR BUDGET' पेश कर दिया है. इस बजट में मिडिल क्लास से लेकर किसान और महिलाओं के लिए कई बड़े फैसले किए गए हैं. बजट पेश करते ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज एक इतिहास भी रच दिया, लगातार 8वीं बार बजट पेश करने वाली देश की पहली वित्त मंत्री हैं.
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में, सीतारमण को 2019 में भारत की पहली फुल टाइम महिला वित्त मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया था, तब से, उन्होंने लगातार सात बजट पेश किए हैं, जिसमें फरवरी 2024 में अंतरिम बजट भी शामिल है.
इस बजट से मिडिल क्लास को बड़ी राहत मिली है. अब 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा. जिससे टैक्सपेयर्स बड़ी राहत मिली है. वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स स्लैब को भी पूरी तरह से बदल दिया है. 25 लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्तियों को 1.1 लाख रुपये तक का टैक्स बेनेफिट मिलेगा, जिससे मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ कम होगा. नए इनकम टैक्स के तहत, 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई आयकर नहीं देना होगा और स्टैंडर्ड डिडक्शन को शामिल कर लें तो टैक्स फ्री इनकम की सीमा 12.75 लाख रुपये तक हो जाती है.
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण की शुरुआत ये कहते हुए की कि बजट विकास को गति देने, सुरक्षित समावेशी विकास के सरकार के प्रयासों को जारी रखता है. बजट का उद्देश्य निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा देना, घरेलू सेंटीमेंट्स को ऊपर उठाना, भारत के बढ़ते मध्यम वर्ग की शक्ति को बढ़ाना है. वित्त मंत्री ने कहा कि जियो पॉलिटिकल की खराब परिस्थितियां धीमी ग्लोबल ग्रोथ की ओर इशारा करती हैं, जबकि हमारी अर्थव्यवस्था सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है.
वित्त मंत्री ने कहा कि हम अगले पांच वर्षों को समावेशी विकास को साकार करने के अनूठे अवसर के रूप में देख रहे हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि बजट 2025 में गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी पर ध्यान केंद्रित करते हुए 10 व्यापक क्षेत्र शामिल हैं. आपको बता दें कि अपने पिछले साल के बजट में वित्त मंत्री ने 9 प्राथमिकताओं पर फोकस करने की बात कही थी.
वित्त मंत्री ने कहा कि विकास की यात्रा के लिए कृषि, MSME, निवेश और एक्सपोर्ट इंजन हैं. सरकार ने फैसला किया है कि कृषि उत्पादकता बढ़ाने, फसल विविधीकरण अपनाने के लिए PM धन धान्य कृषि योजना की शुरुआत की जाएगी. ये योजना पंचायत, ब्लॉक स्तर पर फसल कटाई के बाद भंडारण को बढ़ाने के लिए होगी, इससे सिंचाई को भी बढ़ावा मिलेगा. वित्त मंत्री ने बताया कि शॉर्ट और लॉन्ग टर्म लोन की उपलब्धता में सुधार के लिए इस योजना को लाया जा रहा है, योजना से 1.5 करोड़ किसानों को फायदा होगा.
वित्त मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पर्याप्त अवसर पैदा किए जाएं ताकि लोगों का माइग्रेशन कम हो सके, ये उनके लिए विकल्प बने न कि जरूरत. वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि सरकार दालों में आत्मनिर्भरता की दिशा में काम कर रही है. उन्होंने कहा कि दालों की खपत काफी बढ़ गई है, सरकार दालों में आत्मनिर्भरता के लिए 6 साल का मिशन शुरू करेगी. सब्जियों, फलों के लिए व्यापक कार्यक्रम शुरू किया जाएगा. बढ़ती आय के स्तर के साथ, सब्जियों, फलों की खपत बढ़ रही है. दलहन कार्यक्रम में तूर, उड़द, मसूर पर फोकस किया जाएगा.
वित्त मंत्री ने बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना करने का भी ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि उच्च उपज वाले बीजों पर राष्ट्रीय मिशन शुरू किया जाएगा. भारत मछली उत्पादन, जलीय कृषि में दूसरे स्थान पर है, समुद्री खाद्य निर्यात का मूल्य 60,000 करोड़ रुपये है. इसके साथ ही कपास उत्पादकता के लिए पंच वर्षीय मिशन शुरू किया जाएगा. कपास उत्पादकता मिशन भारत के कपड़ा क्षेत्र को फिर से जीवंत करने की दिशा में काम करेगा.
साथ ही, किसानों, मछुआरों के लिए ब्याज सहायता योजना पर लोन सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की जाएगी. सरकार अंडमान और निकोबार और लक्षद्वीप द्वीपों पर विशेष ध्यान देने के साथ भारतीय विशिष्ट आर्थिक क्षेत्रों और समुद्रों से मछली पालन के लिए फ्रेमवर्क लाएगी.
वित्त मंत्री ने MSME सेक्टर को बड़ी राहत देते हुए क्रेडिट गारंटी कवर को 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने का ऐलान किया है. सभी MSME के वर्गीकरण के लिए निवेश और टर्नओवर सीमा को 2.5 और 2 गुना तक बढ़ाया जाएगा. रजिस्टर्ड माइक्रो एंटरप्राइजेज के लिए 5 लाख रुपये की सीमा के साथ कस्टमाइज्ड क्रेडिट कार्ड पेश किया जाएगा.
वित्त मंत्री सीतारमण ने ऐलान किया कि पहली बार 5 लाख महिलाओं, SC, ST आंत्रप्रेन्योर के लिए नई योजना शुरू की जाएगी. इनको 2 करोड़ रुपये का लोन देने की योजना है. इस स्कीम का फायदा फुटवियर, चमड़ा क्षेत्र को होगा, इस स्कीम के जरिए 22 लाख नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है.
सीतारमण ने कहा कि भारत को खिलौनों का ग्लोबल हब बनाने के लिए योजना की शुरुआत की जाएगी. हाई क्वालिटी, इनोवेशन और टिकाऊ खिलौने बनाने के लिए क्लस्टर, स्किल और एक मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के विकास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए योजनाएं शुरू की जाएंगी.
उन्होंने कहा कि सरकार छोटे, मध्यम, बड़े उद्योगों को शामिल करते हुए नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन स्थापित करेगी. इसमें क्लीन टेक्नोलॉजी को सपोर्ट करना, सोलर सेल, EV बैटरी, हाई वोल्टेज उच्च वोल्टेज ट्रांसमिशन उपकरण के लिए इकोसिस्टम का निर्माण करना भी शामिल है.
वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में 23 IITs में कुल छात्र क्षमता 65,000 से बढ़कर 1.35 लाख हो गई है. 6,500 से अधिक छात्रों के लिए शिक्षा की सुविधा के लिए 2014 के बाद शुरू किए गए पांच IIT में अधिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जाएगा. शिक्षा के लिए AI में एक्सीलेंस सेंटर 500 करोड़ रुपये के कुल खर्च के साथ स्थापित किए जाएंगे. अगले साल मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 10,000 अतिरिक्त सीटें जोड़ी जाएंगी, अगले 5 वर्षों में कुल 75,000 सीटें जोड़ी जाएंगी.
शहरी श्रमिकों के सामाजिक आर्थिक उत्थान के लिए योजना लाई जाएगी. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म वर्कर्स के कल्याण के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना भी लाएंगे. गिग वर्कर और ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए पहचान पत्र जारी किए जाएंगे. PM-जन आरोग्य योजना के तहत गिग वर्कर्स को हेल्थकेयर कवर दिया जाएगा. इस योजना से अनुमानित 1 करोड़ गिग श्रमिकों को मदद मिलेगी.