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महिंद्रा एंड महिंद्रा ₹555 करोड़ में करेगी SML इसुजु का अधिग्रहण, ट्रक-बस बिजनेस को मिलेगा बढ़ावा

M&M अपने प्रोडक्ट्स पोर्टफोलियो में नई तकनीक जोड़कर SML में वैल्यू एडिशन कर सकती है और कस्टमर्स को बेहतर अनुभव दे सकती है.
NDTV Profit हिंदीNDTV Profit डेस्क
NDTV Profit हिंदी12:06 PM IST, 27 Apr 2025NDTV Profit हिंदी
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'बड़े कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में अपनी मौजूदगी को बढ़ाने के लिए महिंद्रा एंड महिंद्रा पूरी तैयारी में है. महिंद्रा कमर्शियल व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग में 40 वर्षों का अनुभव रखने वाली कंपनी SML इसुजु का अधिग्रहण करने जा रही है. ये डील ₹555 करोड़ में तय हुई है.

एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि महिंद्रा, SML इसुजु के प्रोमोटर सुमितोमो कॉर्प से 43.96%  स्टेक और इसुजु मोटर्स लिमिटेड से 15% स्टेक का अधिग्रहण करेगी. इसके साथ ही महिंद्रा ₹650/ शेयर पर 26% स्टेक खरीदने का ओपन ऑफर भी करेगी.

इस अधिग्रहण से महिंद्रा 3.5 टन कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास करेगी, जिसमें महिंद्रा के पास अभी सिर्फ 3% मार्केट शेयर ही है. M&M का कहना है कि इस डील के तुरंत बाद तुरंत उनका मार्केट शेयर दोगुना होकर 6% हो जाएगा, जिसे वें 2030-31 तक 10-12% और 2035-36 तक 20% से ज्यादा करने का लक्ष्य रखते हैं.

महिंद्रा-SML इसुजु की इस डील में कोटक इन्वेस्टमेंट बैंकिंग फाइनेंशियल एडवाइजर और खेतान एंड कंपनी इसके कानूनी पक्ष को देख रही है.

महिंद्रा को बड़ा कस्‍टमर बेस देगा इसुजु 

इस डील पर टिप्पणी करने के लिए पूछे जाने पर S&P ग्लोबल मोबिलिटी फॉर इंडिया एंड आसियान के डायरेक्टर पुनीत गुप्ता ने NDTV Profit को बताया, 'SML इसुजु एक स्थापित प्लेयर है जो महिंद्रा को एक बड़ा कस्टमर्स बेस देगा. दूसरी ओर, M&M अपने प्रोडक्ट्स पोर्टफोलियो में नई तकनीक जोड़कर SML में वैल्यू एडिशन कर सकती है और कस्टमर्स को बेहतर अनुभव दे सकती है.'

महिंद्रा ग्रुप के CEO अनीश शाह ने एक स्टेटमेंट में कहा कि, SML इसुजु के अधिग्रहण को उनके उभरते बिजनेसेज में पांच गुना ग्रोथ देने के नजरिये “महत्वपूर्ण मील का पत्थर” के रूप में देखा जाना चाहिए.

SML इसुजु को पहली बार 1983 में स्वराज व्हीकल्स लिमिटेड के रूप में शामिल किया गया था, जिसका लक्ष्य फ्यूल एफिशिएंट ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए एक सरकारी पहल के तहत लाइट कमर्शियल व्हीकल बनाना था. 1984 तक, जापान की माजदा मोटर कॉर्प और सुमितोमो कॉर्प के साथ-साथ पंजाब ट्रैक्टर लिमिटेड के निवेशकों के रूप में शामिल होने के बाद कंपनी का नाम बदलकर स्वराज माजदा लिमिटेड कर दिया गया.

1986 में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होने के कुछ ही समय बाद 1991LPG पॉलिसी से रुपये के डीवैल्युएशन से कंपनी को हालात खराब होने लगी. फिर भी कंपनी ने 1998 तक अपने सारे घाटे खत्म कर सर्वाइव किया और 2003 तक कंपनी ने अपने प्रॉफिट को डबल किया.

आज कंपनी अपने प्रॉफिटेबल ऑपरेशंस के लिए जानी जाती है, जिसके पास बड़े कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट का 16% मार्केट शेयर है. इस FY2025 के अंत तक SML इसुजु YOY आधार पर 3.1% बढ़ी है और 14,221 यूनिट्स तक पहुंची है.

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