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ChatGPT, DeepSeek के बाद अब भारत की बारी! अपना Generative AI मॉडल बनाने की तैयारी

अश्विनी वैष्णव ने बताया के ये दुनिया की सबसे सस्ती AI कंप्यूट फैसिलिटी होगी, उन्होंने बताया कि AI कंप्यूट कैपिसिटी बोलियों में मिलीं दरें बहुत ज्यादा कंपिटीटिव थीं.
NDTV Profit हिंदीमोहम्मद हामिद
NDTV Profit हिंदी01:04 PM IST, 30 Jan 2025NDTV Profit हिंदी
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पूरी दुनिया में इस वक्त OpenAI के ChatGPT और उसको कड़ी टक्कर दे रहे चीन के DeepSeek की चर्चा है. ऐसे में भारत ने बड़ा ऐलान कर दिया है कि वो अपना खुद का जेनरेटिव AI मॉडल तैयार करेगा.

इसका ऐलान देश के केंद्रीय IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उत्कर्ष ओडिशा कॉन्क्लेव में किया. उन्होंने बताया कि ये पहल इंडिया AI कंप्यूट फैसिलिटी से संचालित होगी, जिसने खास तौर पर भारत के लिए तैयार किए गए बड़े Large Language Model (एलएलएम) के डेवलपमेंट को चलाने के लिए 18,693 GPU हासिल किए हैं.

क्या है 'इंडिया AI मिशन'

इंडिया AI मिशन की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इंडिया AI मिशन की प्रगति काफी तेज है, इसने पहले ही अपने शुरुआती GPU (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) लक्ष्यों को पार कर लिया है, इसने 18,693 GPUs को हासिल किया है जबकि लक्ष्य 10,000 GPUs का था. जिनमें 1,480 NVIDIA H200 GPU, 12,896 NVIDIA H100 GPUs और 742 MI325 और MI325X GPUs शामिल हैं. जिनकी गिनती मौजूदा वक्त में कुछ सबसे शक्तिशाली AI चिप्स में होती है.

इसको ऐसे समझें कि चीन के AI स्टार्टअप DeepSeek को 2,000 GPU पर ट्रेन किया गया है जबकि ChatGPT को 25,000 GPUs पर. इससे इसकी तरक्की का अंदाजा हो जाता है. जियो प्लेटफॉर्म्स, टाटा कम्युनिकेशंस, योट्टा और नेक्स्टजेन डेटा सेंटर GPUs प्रोवाइडर्स की लिस्ट में हैं. खास तौर से, 15,000 हाई-एंड GPU खरीदे गए हैं, इनमें से करीब 10,000 GPU तुरंत इस्तेमाल के लिए तैयार हैं, जबकि बाकी को धीरे-धीरे जोड़ा जाएगा.

उन्होंने बताया कि इस पहल का लक्ष्य देश भर के रिसर्चर्स, स्टार्टअप और बिजनेसेज को संसाधन मुहैया करना है. रिसर्चर्स के लिए कॉमन कंप्यूट फैसिलिटी दो दिनों के भीतर चालू हो जाएगी, ये फैसिलिटी भारत में अलग अलग AI प्रोजेक्ट्स के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में काम करेगी.

सबसे सस्ती AI कंप्यूट फैसिलिटी

अश्विनी वैष्णव ने बताया के ये दुनिया की सबसे सस्ती AI कंप्यूट फैसिलिटी होगी, उन्होंने बताया कि AI कंप्यूट कैपिसिटी बोलियों में मिलीं दरें बहुत ज्यादा कंपिटीटिव थीं. AI कंप्यूट के लिए औसत दर 115.85 रुपये/GPU घंटा निकलकर आई है, जबकि ग्लोबल बेंचमार्क $2.5-3/GPU घंटा है. उन्होंने कहा कि इसमें छात्रों, शिक्षाविदों को 40% सब्सिडी दी जा रही है, जिससे इसे 100 रुपये/GPU घंटे से कम पर उपलब्ध करा सकें

AI इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के अलावा, मंत्री ने भारत का अपना फाउंडेशनल AI मॉडल बनाने के लिए एक नई पहल शुरू करने की भी घोषणा की है. एक फ्रेमवर्क तैयार किया गया है, जिसमें एक AI मॉडल बनाने के लिए डेवलपर्स से प्रस्ताव मांगे गए हैं जो खासतौर से भारतीय संदर्भ, भाषाओं और संस्कृतियों को संजोए हुए है. इस मॉडल की ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले डेटासेट भारत-केंद्रित होंगे, जो भारतीय जरूरतों और चुनौतियों पर केंद्रित होंगे.

4-10 महीने में AI मॉडल डेवलप करेंगे

वैष्णव ने कहा, "हमारा मानना ​​है कि कम से कम 6 प्रमुख डेवलपर्स, स्टार्टअप्स और टीमें हैं, जो 4 से 10 महीने में AI मॉडल डेवलप कर सकते हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत का AI मॉडल दुनिया के सर्वश्रेष्ठ मॉडल के साथ मुकाबला करने में सक्षम होगा, साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि इसमें डेटा प्राइवेसी प्राथमिकता होगी.

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इंडिया का AI मिशन सिर्फ टेक्नोलॉजी के बारे में नहीं है, बल्कि असल मुद्दों का हल निकालने में इसका इस्तेमाल किया जाएगा. जैसे हेल्थकेयर, शिक्षा, कृषि और मौसम अनुमान.

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