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फिर बुलंदी की तरफ अदाणी ग्रुप, हिंडनबर्ग विवाद की पूरी क्रोनोलॉजी

3 दिसंबर को इंट्राडे हाई में अदाणी ग्रुप का मार्केट कैप 15.62 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया
NDTV Profit हिंदीNDTV Profit डेस्क
NDTV Profit हिंदी03:23 PM IST, 03 Jan 2024NDTV Profit हिंदी
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अदाणी-हिंडनबर्ग मामले में अदाणी ग्रुप को सुप्रीम कोर्ट में बड़ी जीत मिली है. कोर्ट ने साफ कर दिया है कि OCCRP रिपोर्ट के आधार पर SEBI की जांच पर शक नहीं किया जा सकता. बता दें SEBI ने हिंडनबर्ग और OCCRP रिपोर्ट के बाद 24 मामलों की जांच में 22 मामलों में अदाणी ग्रुप को क्लीन चिट दी है. बाकी 2 मामलों की जांच अभी जारी है.

इस तरह सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच SIT को सौंपने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि जांच SIT या CBI को सौंपने का कोई आधार नहीं है. ना ही याचिकाकर्ता इस बात के कोई ठोस सबूत पेश कर पाए कि SEBI की जांच भेदभाव के साथ हुई है.

इस पूरे घटनाक्रम के बीच अदाणी ग्रुप के लिए ये साल कमबैक स्टोरी का गवाह भी बना है. एक वक्त पर 19.41 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाले ग्रुप में महज चंद दिनों में इतनी गिरावट हुई कि मार्केट कैप महज 8.51 लाख करोड़ रह गया. लेकिन कानून की अदालत में सच ज्यादा दिन तक नहीं छुप पाया.

आज स्थिति ये बनी कि इंट्राडे में मार्केट कैप 1.18 लाख करोड़ रुपये तक ऊपर चढ़ गया. कुल मार्केट कैप 15.62 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, मतलब जबरदस्त रिकवरी. यहां हम इसी कहानी को तारीखों में जानेंगे.

  • 9 जनवरी: अदाणी ग्रुप का मार्केट कैप 19.41 लाख करोड़ रुपये

  • 25 जनवरी: हिंडनबर्ग ने अदाणी ग्रुप के खिलाफ रिपोर्ट जारी की. मार्केट कैप 18.19 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा. ये रिपोर्ट ग्रुप के FPO लाने के कुछ दिन पहले ही आई.

  • 27 जनवरी: अदाणी एंटरप्राइजेज का 2.45 बिलियन डॉलर FPO खुला. इस तारीख तक मार्केट कैप घटकर 14.97 लाख करोड़ रुपये रह गया.

  • 28 जनवरी: FPO प्लान्स में कोई बदलाव नहीं किया गया. मार्केट कैप 13.60 लाख करोड़ रुपये रह गया.

  • 29 जनवरी: हिंडनबर्ग रिपोर्ट के आरोपों को खारिज करते हुए अदाणी ग्रुप ने 413 पेजों का जवाब जारी किया.

  • 31 जनवरी: भारत का सबसे बड़ा FPO पूरी तरह सब्सक्राइब किया गया. ग्रुप का मार्केट कैप 11.73 लाख करोड़ रुपये रहा.

  • 1 फरवरी: नैतिक आधार पर अदाणी ग्रुप ने फुल सब्सक्रिप्शन के बावजूद FPO वापस लिया. ग्रुप का मार्केट कैप 10.39 लाख करोड़ रुपये बचा.

  • 2 फरवरी: चेयरमैन गौतम अदाणी ने साफ कहा कि कंपनी के ऑपरेशंस पर कोई असर नहीं पड़ा है. लेकिन मार्केट कैप और नीचे गिरा, ये 10.06 लाख करोड़ रुपये रह गया.

  • 13 फरवरी: ग्रुप ने कहा कि बिजनेस प्लान की पूरी फंडिंग है. मार्केट कैप और नीचे जाकर 9 लाख करोड़ रुपये के नीचे (8.77 लाख करोड़ रुपये) पहुंचा.

  • 2 मार्च: ग्रुप का मार्केट कैप 8.51 लाख करोड़ रुपये रह गया. मतलब 39 दिन में लगभग 11 लाख करोड़ रुपये का मार्केट कैप साफ हो गया. इसी दिन GQG ने 1.87 बिलियन डॉलर में 8.2 मिलियन शेयर्स खरीदने का ऐलान किया. इसी दिन सुप्रीम कोर्ट ने एक्सपर्ट कमिटी बनाई.

  • 27 मार्च: 3 अदाणी सब्सिडियरीज पर DRI की याचिकाएं खारिज कीं. तब तक मार्केट कैप बढ़कर 9.37 लाख करोड़ रुपये पहुंचा.

  • 29 अप्रैल: SEBI ने जांच पूरी करने के लिए वक्त मांगा. मार्केट कैप 9.86 लाख करोड़ रुपये.

  • 2 मई: याचिकाकर्ताओं ने SEBI को जांच के लिए ज्यादा वक्त देने का विरोध किया. ग्रुप का मार्केट कैप 9.94 लाख करोड़ पहुंचा.

  • मई का तीसरा हफ्ता: ग्रुप ने इन्वेस्टर्स का कॉन्फिडेंस फिर से बनाने के लिए कदम उठाए. इसी दौरान फॉरेन एंटिटीज ने शॉर्ट सेलिंग से मुनाफा बनाया और ग्रुप का मार्केट कैप 8.98 लाख करोड़ रुपये रह गया.

  • 14 अगस्त: SEBI ने जांच के लिए और वक्त मांगा. मार्केट कैप घटकर 8.61 लाख करोड़ रुपये रह गया. इसके बाद ग्रुप ने रिकवरी शुरू की.

  • 31 अगस्त: OCCRP रिपोर्ट में अदाणी ग्रुप के खिलाफ आरोप लगाए गए.

  • 2 सितंबर: अदाणी ग्रुप ने OCCRP के आरोपों को खारिज किया. मार्केट कैप तब तक 10.60 लाख करोड़ रुपये पहुंच चुका था.

  • 11 सितंबर: याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि SEBI DRI जांच की जानकारियों को छुपाया. मार्केट कैप 11.47 लाख करोड़ रुपये पहुंचा.

  • 18 सितंबर: SC में नई याचिका लगाई गई, जिसमें हितों के टकराव का तर्क दिया गया. मार्केट कैप में गिरावट, ये 11.03 लाख करोड़ रुपये पहुंचा.

  • 09 अक्टूबर: फाइनेंशियल टाइम्स द्वारा लगाए गए आरोपों को अदाणी ग्रुप ने नकारा. मार्केट कैप घटकर 10.79 लाख करोड़ रुपये रह गया.

  • 24 नवंबर: सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को सुना और अपना फैसला रिजर्व किया. तब ग्रुप का मार्केट कैप 10.24 लाख करोड़ रुपये था.

  • 05 दिसंबर: अमेरिकी सरकार ने कहा कि हिंडनबर्ग के आरोप अप्रासंगिक हैं. तब तक कंपनी में इन्वेस्टर्स का भरोसा तेजी से दोबारा बनना शुरू हो गया था. मार्केट कैप 13.85 लाख करोड़ रुपये पहुंचा.

  • 26 दिसंबर: अदाणी प्रोमोटर्स ने अदाणी ग्रीन में 9,350 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया. मार्केट कैप 14.11 लाख करोड़ रुपये पहुंचा.

  • 03 जनवरी, 2024: सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया. इंट्राडे हाई में ग्रुप का 15.62 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया. कुल 1.18 लाख करोड़ रुपये की इन्वेस्टर्स वेल्थ बढ़ी.

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