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Exclusive: बंधन बैंक के 23,300 करोड़ रुपये के क्रेडिट गारंटी पोर्टफोलियो के ऑडिट की असली कहानी

बंधन बैंक ने 9 जनवरी को एक्सचेंजों को बताया बताया था कि NCGTC FY21 के लिए CGFMU पोर्टफोलियो का 'विस्तृत' ऑडिट कर रहा है.
NDTV Profit हिंदीप्रगति ओबेरॉय
NDTV Profit हिंदी02:02 PM IST, 05 Feb 2024NDTV Profit हिंदी
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नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी (The National Credit Guarantee Trustee Co.-NCGTC) ने बंधन बैंक (Bandhan Bank) के 23,300 करोड़ रुपये के लोन के फोरेंसिक ऑडिट की मांग की है, ट्रस्ट की ओर से जारी एक डॉक्यूमेंट से इस बात का पता चला है.

NDTV प्रॉफिट के पास इस डॉक्यूमेंट की एक कॉपी है और इसकी समीक्षा के मुताबिक - इन रिव्यू वाले पोर्टफोलियो, जो कि माइक्रो यूनिट्स के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम (CGFMU) और इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) का हिस्सा हैं, इसके लिए बैंक ने रजिस्ट्रेशन और गारंटी हासिल की है.

रिव्यू के तहत लोन

डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक ये लोन इन दो स्कीम में दिए गए, जिनका रिव्यू किया जा रहा है.

  • 20,000 करोड़ रुपये के CGFMU लोन जो 29 लाख कर्जदारों को दिए गिए

  • 2,500 करोड़ रुपये के ECLGS लोन जो 22 लाख कर्जदारों को दिए गए

ये दोनों ही स्कीम्स कोविड महामारी के दौरान शुरू की गईं थीं. जिसका मकसद था छोटे-छोटे उधारकर्ताओं को जरूरत के समय कर्ज मिल जाए और बैंकों को कम से कम नुकसान हो इसलिए सरकार की ओर से गांरटी मिलती थी.

ऑडिट कराने की पीछे क्या वजह

बंधन बैंक ने 9 जनवरी को एक्सचेंजों को बताया बताया था कि NCGTC FY21 के लिए CGFMU पोर्टफोलियो का 'विस्तृत' ऑडिट कर रहा है. इस एक्सचेंज फाइलिंग में बैंक ने ये भी बताया कि हम ये भी साफ करना चाहते हैं कि इस ऑडिट को रेगुलेटर ने शुरू नहीं किया है, ये केवल पोर्टफोलियो से जुड़े बैंक की ओर से किए गए CGFMU क्लेम का ऑडिट है.

एक्सचेंज फाइलिंग में बैंक ने जोर देकर कहा है कि डिटेल्ड ऑडिट CGFMU क्लेम के दूसरी किस्त के लिए है, NCGTC डॉक्यूमेंट से पता चलता है कि कि ऑडिट ECLGS और CGFMU पोर्टफोलियो पर फोकस होगा. मामले की सीधी जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने नाम नहीं छापने की शर्त पर NDTV प्रॉफिट को बताया कि NCGT ने 2023 के अंत में शुरुआती ऑडिट किया था, लेकिन NCGTC को इस बात लेकर फिक्र थी, इसलिए उसने फोरेंसिक ऑडिट शुरू करने का फैसला किया.

NPA की डिटेल्स

NCGTC डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, CGFMU पोर्टफोलियो के लिए रिव्यू की अवधि FY21 है. इस दौरान, लगभग 5.5 लाख उधारकर्ताओं के 4,000 करोड़ रुपये के कर्ज को NPAs के रूप में बताया गया है.

ECLGS पोर्टफोलियो के तहत, रिव्यू की अवधि मई 2020 से 30 जून, 2021 तक है. डॉक्यूमेंट के मुताबिक, यहां करीब 7.55 लाख उधारकर्ताओं को NPA के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिन पर 955 करोड़ रुपये का बकाया है.

डॉक्यूमेंट में बताया गया है इसमें ज्यादातर अकाउंट्स पश्चिम बंगाल, असम और ओडिशा में फैले हुए हैं. मामले की जानकारी रखने वाले इस शख्स ने बताया कि जबकि फोरेंसिक ऑडिट पूरे पोर्टफोलियो के लिए है, फोकस 4.9 लाख उधारकर्ताओं पर रहता है जिन्हें NPA के रूप में वर्गीकृत किया गया था. 18 जनवरी को बंधन बैंक को भेजे गए सवालों का इस स्टोरी के छपने तक कोई जवाब नहीं मिला है.

दूसरी तिमाही में बंधन बैंक का मुनाफा तीन गुना बढ़कर 721 करोड़ रुपये हो गया था, जो एक साल पहले 209 करोड़ रुपये था. सितंबर तिमाही में बैंक का NII साल-दर-साल 11.3% बढ़कर 2,443 करोड़ रुपये हो गई.

खराब होती एसेट क्वालिटी

सितंबर तिमाही में की एसेट क्वालिटी बहुत खराब हो गई और ग्रॉस NPA रेश्यो 5 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 7.3% हो गया. हालांकि नेट NPA रेश्यो 2.3% रहा, जो कि इसकी पिछली तिमाही में 2.2% था. दिसंबर तिमाही के नतीजे बंधन बैंक ने अभी घोषित नहीं किए हैं.

FY23 की चौथी तिमाही के बाद NPAs में बढ़ोतरी का एक कारण बैंकों की ओर से अपनी बुक्स में CGFMUऔर ECLGS का खुलासा करना हो सकता है.

अपने Q1FY24 एनालिस्ट कॉल में बैंक के मैनेजमेंट ने समझाया था कि चूंकि CGFMU इंश्योरेंस के रूप में था, इसलिए जब भी ग्राहक देय राशि से 90 दिन पार कर जाता था, तो वो इसे NPA के रूप में चिह्नित करता था. हालांकि, ECLGS के तहत लोन सरकार की ओर से गारंटी के तहत नहीं थे और प्रीमियम का कोई भुगतान नहीं था.

लेकिन एडवांसेज को लेकर रिजर्व बैंक की ओर से आय पहचान, एसेट क्लासिफिकेशन और प्रॉविजनिंग के लिए संशोधित नियम जारी करने के बाद चीजें बदल गईं. इन नियमों के मुताबिक- MSME के लिए NCGTC और क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट के तहत दिए गए सभी कर्जों को NPA माना जाना चाहिए और बैंकों को इन एक्सपोजर के खिलाफ कोई प्रॉविजनिंग करने की अनुमति नहीं है.

बंधन बैंक के पूर्व CFO सुनील समदानी ने Q1 FY24 एनालिस्ट कॉल में कहा, बैंक ने ECLGS और CGFMU के तहत NCGTC के इन कर्जों पर प्रॉविजनिंग के संदर्भ में 86% का कवरेज किया था.

मार्च 2023 में बैंक का स्ट्रेस पूल कवरेज 5,500 करोड़ रुपये था, जिसमें 3,800 करोड़ रुपये की प्रॉविजनिंग और 1,700 करोड़ रुपये की CGFMU गारंटी थी.

FY24 की दूसरी तिमाही में, जबकि बैंक ने CGFMU दावे की दूसरी किस्त के लिए आवेदन किया, उसे ECLGS में 85 करोड़ रुपये भी हासिल हुए थे. मिलने वाली कुल रकम करीब 500 करोड़ रुपये है, जिसका 85% हासिल हो चुका है, समदानी ने कहा, 410 करोड़ रुपये की रकम लंबित हैं.

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