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मोटा लेन-देन करके नहीं भरा है ITR तो हो जाइए सावधान! इनकम टैक्स विभाग का ये है प्लान

आयकर विभाग सोमवार से एक ई-कैंपेन शुरू कर रहा है, जिसके तहत वो ऐसे लोगों को खुद सीधा कॉन्टैक्ट करेगा, जिन्होंने या तो मोटा लेन-देन करके इनकम टैक्स रिटर्न नहीं फाइल किया है फिर उनके रिटर्न में दिए गए किसी डिटेल में कोई गड़बड़ी या कमी रह गई है.
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NDTV Profit हिंदी09:33 AM IST, 20 Jul 2020NDTV Profit हिंदी
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आयकर विभाग (Income Tax Department) सोमवार से एक ई-कैंपेन शुरू कर रहा है, जिसके तहत वो ऐसे लोगों को खुद सीधा कॉन्टैक्ट करेगा, जिन्होंने या तो मोटा लेन-देन करके इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) नहीं फाइल किया है फिर उनके रिटर्न में दिए गए किसी डिटेल में कोई गड़बड़ी या कमी रह गई है. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (Central Board of Direct Taxes) ने शनिवार को कहा था कि वो 20 जुलाई से ऐसे लोगों से संपर्क करने के लिए एक ई-कैंपेन की शुरुआत कर रहा है. बोर्ड ने कहा कि उसने कुछ ऐसे लोगों की पहचान की है, जिन्होंने काफी मोटा लेन-देन करने के बावजूद आकलन वर्ष (Assessment Year) 2019-20 (वित्त वर्ष 2018-19 के संदर्भ में) के लिए रिटर्न दाखिल नहीं किया है या उनके रिटर्न में कमियां हैं. बता दें कि असेसमेंट ईयर 2019-20 के लिए आईटी रिटर्न फाइल करने और संशोधित करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2020 है.

क्या है CBDT का प्लान?

CBDT ने बताया कि अबतक की रिटर्न फाइलिंग से मिले डेटा का विश्लेषण करने से कुछ ऐसे टैक्सपेयर्स की जानकारी मिली है, जिन्होंने काफी अधिक लेनदेन किया है, लेकिन उन्होंने असेसमेंट ईयर 2019-20 (वित्त वर्ष 2018-19 के संदर्भ में) के लिए रिटर्न दाखिल नहीं किया है. रिटर्न दाखिल नहीं करने वालों के अलावा रिटर्न फाइल करने वाले कई ऐसे लोगों की पहचान हुई है, जिनके अधिक धनराशि वाले लेनदेन और उनके आयकर रिटर्न आपस में मेल नहीं खाते हैं.

विभाग ने बताया कि 11 दिनों तक चलने वाला ई-कैंपेन 31 जुलाई 2020 को खत्म होगा और इस दौरान उन लोगों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिन्होंने या तो रिटर्न दाखिल नहीं किया है, या उनके रिटर्न में कुछ कमियां हैं. अपने इस कैंपेन के तहत, आयकर विभाग पहचान किए गए टैक्सपेयर्स को ईमेल या SMS भेजेगा, ताकि प्राप्त सूचना के अनुसार उनके लेनदेन की डिटेल को वेरिफाई किया जा सके. आयकर विभाग को यह सूचना वित्तीय लेनदेन विवरण  Statement of Financial Transactions (SFT), Tax Deduction at Source (TDS), Tax Collection at Source (TCS), Foreign Remittances (Form 15CC) जैसे दस्तावेजों से मिली है.

बोर्ड ने कहा कि ई-अभियान का मकसद टैक्सपेयर्स को कर या वित्तीय लेनदेन संबंधी जानकारी को ऑनलाइन सत्यापित करने में मदद करना और स्वैच्छिक स्वीकारोक्ति को बढ़ावा देना है. इस कैंपेन के तहत टैक्सपेयर्स पोर्टल पर अपनी फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन से जुड़ी जानकारी एक्सेस कर पाएंगे. वहीं वो ऑनलाइन रिस्पॉन्स भी सबमिट कर पाएंगे, जिससे कि उन्हें इनकम टैक्स ऑफिस नहीं जाना पड़ेगा.

(भाषा से इनपुट के साथ)

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