ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT

LIC का IPO मार्च में आएगा, अगले हफ्ते SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर फाइल करेगी सरकार

निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने बताया कि बीमा नियामक की मंजूरी का इंतजार है. इसके बाद शेयर बिक्री के आकार का विवरण देने वाले दस्तावेजों का मसौदा दाखिल किया जाएगा. उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बॉर्ड (सेबी) की मंजूरी मिलने के बाद मार्च तक एलआईसी का आईपीओ बाजार में आ सकता है.
NDTV Profit हिंदीNDTV Profit Desk
NDTV Profit हिंदी08:59 AM IST, 03 Feb 2022NDTV Profit हिंदी
NDTV Profit हिंदी
NDTV Profit हिंदी
Follow us on Google NewsNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदी

सरकार अगले सप्ताह तक बाजार नियामक SEBI के समक्ष जीवन बीमा निगम (Life Insurance Corporation)  के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (LIC IPO) के लिए दस्तावेजों का मसौदा दाखिल कर सकती है. सेबी की मंजूरी के बाद कंपनी का आईपीओ मार्च में आ सकता है. एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि निर्गम का एक हिस्सा एंकर निवेशकों के लिए आरक्षित रखा जा सकता है. निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा कि बीमा नियामक की मंजूरी का इंतजार है. इसके बाद शेयर बिक्री के आकार का विवरण देने वाले दस्तावेजों का मसौदा दाखिल किया जाएगा. उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बॉर्ड (सेबी) की मंजूरी मिलने के बाद मार्च तक एलआईसी का आईपीओ बाजार में आ सकता है.

वही उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) एलआईसी के सुगमता से विनिवेश के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति (एफडीआई) में बदलाव के लिए जल्द केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास जाएगा. डीपीआईआईटी के सचिव अनुराग जैन ने यह जानकारी देते हुए कहा कि मामले पर अंतर-मंत्रालयी परामर्श अंतिम चरण में है.

चालू वित्त वर्ष के लिए विनिवेश लक्ष्य को घटाकर 78,000 करोड़ रुपये किया गया है. लेकिन इस लक्ष्य को पाने के लिए भी एलआईसी की सूचीबद्धता महत्वपूर्ण है.

सरकार अब तक एयर इंडिया के निजीकरण और अन्य सरकारी उपक्रमों में अपनी हिस्सेदारी बिक्री से करीब 12,000 करोड़ रुपये जुटा चुकी है.

पांडेय ने कहा कि एलआईसी का अंतर्निहित मूल्य आ गया है और अब इसे भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) की मंजूरी का इंतजार है. उन्होंने कहा, ‘सात से दस दिन के बीच एलआईसी के आईपीओ के लिए दस्तावेजों का मसौदा (डीआरएचपी) दाखिल किया जाएगा. अनौपचारिक रूप से हम विभिन्न मुद्दों पर सेबी से चर्चा करते रहे हैं. आईपीओ के आकार का विवरण डीआरएचपी में होगा.'

LIC दुनिया का 10वां सबसे मूल्यवान बीमा ब्रांड ताजा रिपोर्ट के अनुसार, एलआईसी 8.656 अरब डॉलर (करीब 64,772 करोड़ रुपये) के मूल्यांकन के साथ देश का सबसे मजबूत और बड़ा ब्रांड है. यह मूल्यांकन इसे दुनिया में तीसरा सबसे ‘मजबूत' बीमा ब्रांड बनाता है. ब्रांड को लेकर परामर्श देने वाली लंदन की ब्रांड फाइनेंस के अनुसार एलआईसी का बाजार मूल्यांकन 2022 तक 43.40 लाख करोड़ रुपये यानी 59.21 अरब डॉलर तथा 2027 तक 59.9 लाख करोड़ रुपये (78.63 अरब डॉलर) होने का अनुमान है.

एलआईसी 2021 में वैश्विक ब्रांड रैंकिंग में 32 स्थान की छलांग के साथ 206वें स्थान पर पहुंच गई है. ब्रांड फाइनेंस के अनुसार 2021 में 8.655 अरब डॉलर मूल्यांकन के साथ एलआईसी देश में सबसे बड़ा और मजबूत ब्रांड है. इसका मूल्यांकन 2020 में 8.11 अरब डॉलर था. यानी इसमें 6.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई.

रिपोर्ट के अनुसार एलआईसी अपनी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के मुकाबले ब्रांड की ताकत के रूप में 84.1 अंक के साथ पहले पायदान पर है. जबकि दुनिया में इटली की पोस्ट इटालियन और स्पेन की मैपफ्रे के बाद विश्व स्तर पर ब्रांड की ताकत में तीसरे स्थान पर है. साथ ही यह दुनिया में 10 सर्वाधिक मूल्यवान बीमा ब्रांड में से एक है. यह रिपोर्ट नवंबर, 2021 में तैयार हुई थी लेकिन इसे अब सार्वजनिक किया गया है.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
NDTV Profit हिंदी
लेखकNDTV Profit Desk
NDTV Profit हिंदी
फॉलो करें
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT