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सरकार का पारबॉयल्ड राइस पर टैक्स की अवधि को बढ़ाने का विचार, महंगाई घटाना मकसद

पारबॉयल्ड (उसना) राइस के निर्यात पर बैन लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है. इस पर लगने वाले टैक्स की अवधि 31 मार्च को खत्म हो रही है.
NDTV Profit हिंदीNDTV Profit डेस्क
NDTV Profit हिंदी02:28 PM IST, 08 Feb 2024NDTV Profit हिंदी
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सरकार पारबॉयल्ड राइस (उसना चावल) पर एक्सपोर्ट टैक्स (Export Tax) की अवधि को बढ़ाने का विचार कर रही है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ये कदम लोकसभा चुनाव से पहले खाद्य महंगाई (Food Inflation) को घटाने के लिए उठा सकती है. ये ग्लोबल सप्लाई चेन के लिए बड़ा जोखिम है. ब्लूमबर्ग को मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि सरकार इस पर 20% की दर पर एक्सपोर्ट टैक्स लगाने की तैयारी कर रही है. पारबॉयल्ड राइस के निर्यात पर बैन लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है. इस पर लगने वाले टैक्स की अवधि 31 मार्च को खत्म हो रही है.

पश्चिमी अफ्रीका पर होगा असर

इस कदम से बेंचमार्क एशियन राइस की कीमतों में तेजी आ सकती है. मौजदूा समय में इसके दाम 15 साल की रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब हैं. भारत ने 2023 में मुख्य वैरायटी की बिक्री पर प्रतिबंध लगाना शुरू किया था. ये पश्चिमी अफ्रीका और मध्य पूर्व में कुछ देशों के लिए बुरी खबर होगी.

रिपोर्ट के मुताबिक खाद्य और वाणिज्य मंत्रालय दोनों के प्रवक्ता ने इस पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. सरकार की इसके जरिए कोशिश खाद्य महंगाई को घटाना है. भारत ने इससे पहले गेहूं, चीनी और ज्यादातर चावल की किस्मों के निर्यात को नियंत्रित किया. इसके साथ सरकार ने जमाखोरी पर भी एक्शन लिया. सरकार ने एक और साल के लिए खाने के तेल के आयात पर ड्यूटी को भी बढ़ाया.

सरकार ने लॉन्च किया था सस्ते चावल उपलब्ध कराने का कार्यक्रम

अभी भी दिल्ली में चावल की रिटेल कीमतें एक साल पहले के मुकाबले करीब 11% ज्यादा हैं. खाद्य मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को देश भर के रिटेल ग्राहकों को सब्सिडी वाले चावल उपलब्ध करने का कार्यक्रम लॉन्च किया था. सरकार बाजार से कम कीमतों पर सफेद आटे और काबुली चने की बिक्री कर रही है.

राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट बीवी कृष्णा राव ने कहा कि ऐसे किसी कदम से घरेलू कीमतें काबू में रहेंगी और सरकार को कुछ अतिरिक्त रेवेन्यू कमाने में मदद मिलेगी. सरकारी डेटा के मुताबिक 1 अप्रैल और 21 जनवरी के बीच भारत का कुल चावल निर्यात एक साल पहले के मुकाबले 29% गिरकर 12.3 मिलियन टन पर पहुंच गया है. इस अवधि के दौरान पारबॉयल्ड राइस की शिपमेंट 6.5% घटकर 5.8 मिलियन टन पर आ गई है.

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