बीते दिनों में टाटा ग्रुप (Tata Group) की विस्तारा एयरलाइंस (Vistara Airlines) की 150 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द हो गई और कई फ्लाइट्स देरी से उड़ान भरी. विस्तारा में ये समस्या पायलटों की संख्या में कमी के चलते हुई है. अब इंडियन कमर्शियल पायलट एसोसिएशन (Indian Commercial Pilots' Association) और इंडियन पायलट गिल्ड (Association and the Indian Pilots' Guild) ने गुरुवार को टाटा ग्रुप के चेयरपर्सन एन चंद्रशेखरन को पत्र लिखकर इस समस्या के समाधान के लिए तुरंत एक्शन की मांग की है.
पत्र में लिखा गया है कि,
"इस बात को समझना जरूरी है कि पायलटों की इस समस्या को अलग करके नहीं देखना चाहिए, बल्कि ये टाटा ग्रुप की एविएशन कंपनियों में फैली सिस्टमैटिक समस्याओं को दिखा रही है. पायलटों की कुछ समस्याएं ऐसी हैं जिसे टाटा ग्रुप की सभी एयरलाइनों के पायलटों ने उठाई हैं, जैसे 70 घंटे की ड्यूटी का तय पेमेंट, छुट्टियों की मंजूरी और ड्यूटी का कोई फिक्स रोस्टर न होना. इन समस्याओं की बात पर HR ने धमकी दी है कि भविष्य में पायलटों को इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं."
दरअसल टाटा ग्रुप में एयर इंडिया और विस्तारा एयरलाइंस के बीच विलय का प्रोसेस चल रहा है, जिसके कारण कंपनी ने पायलटों की सैलरी सिस्टम को रिवाइज किया है.
नए रिवाइज्ड सैलरी सिस्टम के मुताबिक, पायलटों के फ्लाई टाइम (उड़ान अवधि) को 70 घंटे से घटाकर 40 घंटे कर दिया है. साथ ही इस 40 घंटे की उड़ान को पायलटों द्वारा 15 दिनों में करने का नियम कर दिया गया है. इस शर्त को पूरा करने के बाद ही वो सैलरी पाने के लिए पात्र होंगे.
इसी रिवाइज्ड सैलरी सिस्टम को लेकर हाल ही में पायलटों ने एक साथ ही बीमारी की छुट्टी ले ली. जिसकी वजह से विस्तारा में क्रू मेंबर्स की कमी हो गई और फ्लाइट्स कैंसिल होना शुरू हो गई.