इस साल का त्योहारी सीजन रेडीमेड गारमेंट्स बिजनेस (Garments Business) के लिए कुछ खास नहीं रहा. लेकिन इस इंडस्ट्री को शादियों के सीजन (Wedding Season) से बहुत उम्मीदें हैं. शादियों का सीजन 23 नवंबर से शुरू होकर 15 दिसंबर तक चलेगा. कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के मुताबिक सोने की ज्वेलरी, कपड़ों और अन्य सामान और सेवाओं पर 4.74 लाख करोड़ रुपये का खर्च होगा. इसमें से सबसे बड़ा हिस्सा ज्वेलरी में जाएगा. इसके बाद कपड़ों पर ही सबसे ज्यादा खर्च किया जाएगा.
CAIT का अनुमान अर्थव्यवस्था के बेहतर होने की ओर इशारा करती है. लेकिन फेस्टिव सीजन में सेल उम्मीद से कम रही है. इसे देखते हुए रेडीमेड गारमेंट्स इंडस्ट्री के लोग इस बात को लेकर भी संदेह में हैं कि शादियों के सीजन में अच्छी सेल देखने को मिलेगी. हालांकि मार्केट रिसर्च और रेटिंग कंपनी क्रिसिल के मुताबिक Q3 में त्योहारी और शादियों का सीजन ग्रोथ में बड़ी भूमिका निभाएंगे. इस इंडस्ट्री के कुल रेवेन्यू का 35% इसी सीजन में आता है.
क्लोथिंग मैन्युफैक्चर्रस एसोसिएशन ऑफ इंडिया के चीफ मेंटोर राहुल मेहता ने कहा कि कंज्यूमर सेंटिमेंट कमजोर है. उन्होंने त्योहारी सीजन के बीच 166 अपैरल मैन्युफैक्चर्रस के एक सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि मेट्रो शहरों में अनिश्चित्ता ज्यादा है.
उन्होंने कहा कि सर्वे में शामिल 80% लोगों को उम्मीद थी कि टीयर-2 और टीयर-3 शहर मेट्रो को पीछे छोड़ देंगे. 67% का अनुमान था कि मिड-प्राइस रेंज के कपड़ों की सेल महंगे या कम प्राइस सेगमेंट से बेहतर रहेगी.
रिटेल इंडस्ट्री की टॉप संस्था CMAI का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में डिमांड में अच्छा इजाफा देखने को मिला है. मेहता ने BQ Prime को बताया कि एथनिक वीयर सेगमेंट की हालत अच्छी है और उन्हें उम्मीद है कि त्योहारी सीजन में सेल और बेहतर होने की उम्मीद है.
आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष दीक्षित ने 10 नवंबर को एनालिस्ट्स को बताया कि कुल मिलाकर हालात ठीक-ठाक हैं. कुछ कारोबारों के लिए थोड़ी सकारात्मक स्थिति है. वहीं शादी से जुड़े कारोबार के लिए बहुत अच्छे हालात हैं. लेकिन छोटे बिजनेस को आगे चलकर भी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा.