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DHFL के पूर्व प्रोमोटर्स पर SEBI ने लगाया 6 करोड़ का जुर्माना, करोड़ों के बैंक्र फ्रॉड में भी आरोपी हैं वधावन बंधु

SEBI ने आदेश में कहा कि 45 दिनों के भीतर सभी को जुर्माने का भुगतान करना होगा.
NDTV Profit हिंदीNDTV Profit डेस्क
NDTV Profit हिंदी09:39 AM IST, 21 Sep 2023NDTV Profit हिंदी
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मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्प लिमिटेड (DHFL) के मामले में डिस्‍क्‍लोजर मानदंडों का उल्लंघन करने के आरोप में कपिल वधावन और धीरज वधावन सहित 15 संस्थाओं पर कुल 6 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है.

वधावन बंधु DHFL के पूर्व प्रोमोटर हैं. दोनों पर 34,615 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड मामले का भी केस चल रहा है, जिस मामले में CBI ने हफ्ते भर पहले चार्जशीट फाइल की है. दोनों को जुलाई में गिरफ्तार किया गया था. अब दोनों भाई SEBI के नियमों के उल्‍लंघन में भी दोषी पाए गए हैं.

SEBI ने अपने आदेश में क्‍या कहा?

SEBI ने बुधवार को जारी आदेश में कहा कि 45 दिनों के भीतर सभी को संयुक्त रूप से और अलग-अलग भुगतान करना होगा.

अपने 82 पन्नों के आदेश में, सेबी ने कहा कि कपिल वधावन और धीरज वधावन सहित प्रोमोटर्स ने 3 कंपनियों (हेमिस्फेयर इंफ्रास्ट्रक्चर इंडिया, गैलेक्सी इंफ्राप्रोजेक्ट्स एंड डेवलपर्स और सिलिकॉन फर्स्ट रियलटर्स) के नाम छिपाए, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से DHFL के पूर्व प्रोमोटर्स के पास थे.

इन तीनों कंपनियों को DHFL के प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप का हिस्सा होने के बजाय पब्लिक शेयरहोल्‍डर्स के हिस्से के रूप में दिखाया गया था.

SAST नियमों का उल्‍लंघन

सेबी ने कहा कि DHFL पर नियंत्रण रखने वाले प्रमोटर या प्रमोटर समूह और PACs (Persons Acting in Concert) वाली इकाइयां वर्ष 2008 से 2011 तक के लिए 31 मार्च तक अपने पास मौजूद शेयरों या वोटिंग अधिकारों की संख्या और प्रतिशत के संबंध में आवश्यक खुलासे करने के लिए बाध्य थीं.

सेबी ने कहा कि प्रोमोटर्स जरूरी डिस्‍क्‍लोजर देने में फेल रहे और इस तरह SAST नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन किया. SEBI ने जनवरी 2019 में मिली एक शिकायत के आधार पर, DHFL के शेयर की जांच की थी ताकि ये पता लगाया जा सके कि जुलाई 2007 से दिसंबर 2018 की अवधि के लिए SAST नियमों के प्रावधानों का कोई उल्लंघन हुआ है या नहीं.

और किन लोगों पर हुआ एक्‍शन?

सेबी ने पाया कि इनमें से कुछ संस्थाएं 14 मौकों पर ओपन ऑफर की सार्वजनिक घोषणा करने में विफल रहीं, जब 2007 से 2016 तक ओपन ऑफर करने की बाध्यता लागू हुई थी.

सेबी ने जिन लोगों पर जुर्माना लगाया है, उनमें कपिल और धीरज के अलावा, राकेश कुमार वधावन, सारंग वधावन, अरुणा वधावन, मालती वधावन, अनु एस वधावन और पूजा डी वधावन शामिल हैं.

वधावन होल्डिंग, वधावन कंसोलिडेटेड होल्डिंग, वधावन रिटेल वेंचर, वधावन ग्लोबल कैपिटल लिमिटेड, हेमिस्फेयर इंफ्रास्ट्रक्चर इंडिया, गैलेक्सी इंफ्राप्रोजेक्ट्स एंड डेवलपर्स और सिलिकॉन फर्स्ट रियलटर्स पर भी जुर्माना लगाया गया है.

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