ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT

SEBI का जी बिजनेस के एक्सपर्ट्स पर एक्शन, गैर-कानूनी तरीके से कमाये ₹7.41 करोड़ का मुनाफा लौटाने का दिया आदेश

SEBI ने 15 जानकारों के खिलाफ आदेश जारी किया. सिमी भौमिक, मुदित गोयल, हिमांशु गुप्ता, आशीष केलकर, किरण जाधव सहित 15 एक्सपर्ट्स पर कार्रवाई हुई. सेबी ने इन्हें गेस्ट एक्सपर्ट्स, प्रॉफिट मेकर्स और इनेबलर्स की कैटेगरी में डाल कर जांच की है.
NDTV Profit हिंदीNDTV Profit डेस्क
NDTV Profit हिंदी10:26 PM IST, 08 Feb 2024NDTV Profit हिंदी
NDTV Profit हिंदी
NDTV Profit हिंदी
Follow us on Google NewsNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदी

SEBI ने गुरुवार को अंतरिम आदेश जारी करके जी बिजनेस न्यूज चैनल (Zee Business) के गेस्ट एक्सपर्ट्स को गैर-कानूनी तरीके से कमाए (Unlawful Gains) 7.41 करोड़ रुपये लौटाने का आदेश दिया है. चैनल के 15 एक्सपर्ट्स पर कार्रवाई हुई जो 1 फरवरी 2022 से 31 दिसंबर 2022 तक एक्टिव थे. कुछ एक्सपर्ट्स ने गैर-कानूनी ट्रेड में सीधे तौर पर हिस्सा लिया तो कुछ सहायक के तौर पर सक्रिय थे. SEBI ने इनमें से कुछ लोगों पर अगले आदेश तक ट्रेडिंग करने से बैन कर दिया है.

आरोपियों को तीन कैटेगरी में बांटा गया

SEBI ने सिमी भौमिक, मुदित गोयल, हिमांशु गुप्ता, आशीष केलकर, किरण जाधव सहित 15 जानकारों खिलाफ आदेश जारी किया है.

SEBI ने इस जांच में तीन कैटेगरी के लोगों की पहचान की है. ये हैं मुनाफा कमाने वाले (Profit Makers) (जिन्हें इंसाइडर इंफोर्मेशन से फायदा मिला), इनेबलर्स (प्रॉफिट कमाने वालों को मदद करने वाले) और गेस्ट एक्सपर्ट्स (जो गैर-सार्वजनिक जानकारी देते हैं.)

क्या था मोडस ओपेरैन्डी (कैसे करते थे घपला)

ये लोग गेस्ट एक्सपर्ट बनकर टीवी पर आकर दर्शकों को शेयर खरीदने या बेचने की सलाह देते थे. लेकिन ये सलाह प्रॉफेट मेकर्स के पास पहले से होती थी और ये लोग टीवी पर सलाह दिए जाने से पहले शेयर खरीद या बेच लेते थे. और जब आम दर्शक या निवेशक टीवी पर सलाह सुनकर शेयर खरीदता या बेचता था तब प्रॉफिट मेकर्स शेयर्स सौदे काट लेते थे.

SEBI को क्या सबूत मिले?

सर्च और सीजर ऑपरेशन के दौरान मिले मोबाइल फोन्स की डिटेल्स के निरीक्षण और अलग-अलग मैटीरियल के आधार पर ये आदेश दिया है. इन लोगों के आपस में कनेक्शन की भी पहचान की गई है.

SEBI ने जो कदम उठाए उनमें बैंक और डीमैट अकाउंट्स में ट्रांजैक्शंस पर प्रतिबंध लगाना और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन को फ्रीज करना शामिल है. ये लोग SEBI की मंजूरी के बिना एसेट्स डिस्पोज नहीं कर सकते. जी मीडिया कॉर्प को संबंधित रिपोर्ट्स को सुरक्षित रखने को कहा गया है.

NDTV Profit हिंदी
फॉलो करें
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT