बाजार पर भारत-पाकिस्तान तनाव का खास असर नहीं होगा. Helios Capital के समीर अरोड़ा का कहना है कि आने वाले महीनों में विदेशी निवेश से भारतीय इक्विटी मार्केट को मदद मिल सकती है, भले ही इस समय की जिओ-पॉलिटिकल स्थिति कुछ भी हो.
अरोड़ा ने NDTV प्रॉफिट से कहा कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच की स्थिति पूरी तरह से युद्ध में बदल जाएगी. बाजार खुलने पर कुछ घबराहट हो सकती है, लेकिन बड़े सैन्य संघर्ष में बदलने की संभावना नहीं है. दोनों देश दूर से निशाना लगाने और ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं.
'भारतीय बाजार की बात करें तो भविष्य में 2% की गिरावट देखने को मिल सकती है.' लेकिन उन्होंने बताया कि 'पहले हुई इसी तरह की बिकवाली जल्दी ही रुक गई थी. शॉर्ट टर्म की समस्याओं को देखकर लॉन्ग टर्म निवेशक को अपना प्लान नहीं बदलना चाहिए.'
अरोड़ा ने कहा कि 'विदेशी निवेश में तेजी आ सकती है, भारतीय शेयर बाजार में अब घरेलू और विदेशी दोनों निवेशक ज्यादा खरीदारी करेंगे. विदेशी निवेशक अमेरिका में अपने निवेश पर फिर से विचार कर रहे हैं, जो MSCI वर्ल्ड इंडेक्स का लगभग 70% हिस्सा है. ये बदलाव तब है जब अमेरिका अच्छा प्रदर्शन कर रहा है. पिछले दो सालों की बात करें तो घरेलू निवेशक ज्यादा खरीदारी कर रहे थे जबकि FII ज्यातार बेचने के मूढ़ में रहे थे. लेकिन अब हम दोनों को खरीदने के लिए आगे बढ़ते हुए देख सकते हैं'
अरोड़ा के अनुसार 'हाल के समय में फाइनेंशियल शेयरों का प्रदर्शन कुछ कमतर रहा है और विदेशी निवेशक ये जानते हैं. इसलिए कई लोगों ने पहले ही अपने निवेश को कम कर दिया था. पर अब जब शेयर अच्छा प्रदर्शन दिखा रहे हैं तो ये निवेश वापिस आ सकता हैं. हालांकि वेल्यूशन अब भी काफी महंगा है और मुनाफा कम है. साथ ही अरोड़ा ने कुछ नकदी रखने वाले निवेशकों को भी सावधानी से निवेश करने की सलाह दी. 'निवेशक अपनी क्षमता के आधार पर थोड़ी खरीदारी करें, लेकिन जल्दबाजी न करें. अगर आपके पास 3-5% नकदी है, तो इंतजार करना ठीक है.'
ग्लोबल ट्रेड पर अरोड़ा ने कहा कि 'भारत की स्थिति ग्लोबल ट्रेड में पॉजिटिव है. भारत-ब्रिटेन डील कपड़ा व्यापार को फायदा दिला सकती है. हालांकि बदलाव ना के बराबर ही होंगे. चीन में विदेशी निवेश के सवाल पर अरोड़ा कहते हैं कि 'मुझे नहीं लगता कि चीन में बड़ी मात्रा में FDI होगा. ट्रेड वॉर का असर चीन और अमेरिका दोनों पर दिख सकता है. ऐसे में वैश्विक निवेशक अमेरिकी होल्डिंग्स में कटौती करके भारत में पैसा लगा सकते हैं.
अरोड़ा ने कहा कि 'निवेशकों को घबराहट में बेचने से बचना चाहिए. इतिहास बताता है कि इस तरह की घटनाओं के बाद बाजार में उछाल आता है. ऐसे में खरीदारी के लिए इंतजार करें.'