ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT

इंतजार खत्म! 22 नवंबर को आएगा टाटा टेक्नोलॉजीज का IPO, लेकिन घटाया इश्यू साइज

ये इश्यू 24 नवंबर को बंद होगा. इश्यू के लिए JM फाइनेंशियल, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया और BofA सिक्योरिटीज इंडिया बुक रनिंग लीड मैनेजर्स हैं.
NDTV Profit हिंदीNDTV Profit डेस्क
NDTV Profit हिंदी11:03 AM IST, 14 Nov 2023NDTV Profit हिंदी
NDTV Profit हिंदी
NDTV Profit हिंदी
Follow us on Google NewsNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदी

टाटा मोटर्स की पूर्ण स्वामित्व सब्सिडियरी (wholly-owned subsidiary) कंपनी टाटा टेक्नोलॉजीज (Tata Technologies Limited) 22 नवंबर को अपना IPO लेकर आ रही है. ये बीते 20 वर्षों में टाटा ग्रुप की पहली कंपनी होगी जो अपना IPO लेकर आ रही है, इसके पहले टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का IPO साल 2004 में आया था.

प्राइस बैंड और इश्यू साइज

इस IPO का साइज और प्राइस बैंड अभी तय नहीं किया गया है. हालांकि टाटा टेक्नोलॉजी का साइज पहले जितना प्लान किया गया था, अब उससे थोड़ा छोटा होगा, क्योंकि इतना निश्चित है कि टाटा टेक्नोलॉजीज शेयरहोल्डर्स उतने शेयर नहीं बेच रहे हैं, जितना कि पहले बेचने का प्लान था. ये इश्यू 24 नवंबर को बंद होगा. इश्यू के लिए JM फाइनेंशियल, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया और BofA सिक्योरिटीज इंडिया बुक रनिंग लीड मैनेजर्स हैं.

एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक ये पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल OFS है, जिसमें 60,850,278 शेयर बिक्री के लिए रखे जाएंगे, इसमें टाटा मोटर्स 46,275,000 शेयर बेचेगी जो कि 11.41% हिस्सा है, निवेशक अल्फा TC होल्डिंग 9,716,853 शेयर बेचेगी जो कि 2.40% हिस्सा है और टाटा कैपिटल ग्रोथ फंड I भी 4,858,425 शेयर बेचेगा जो कि 1.20% हिस्सा है. इश्यू का करीब 10% हिस्सा टाटा टेक्नोलॉजीज के कर्मचारियों और टाटा मोटर्स के शेयरहोल्डर्स के लिए रिजर्व रखा गया है.

इश्यू साइज होगा कम

इसी साल मार्च में मार्केट रेगुलेटर SEBI को दाखिल की गई DRHP में, पुणे बेस्ड ER&D सर्विसेज फर्म (टाटा टेक) ने कहा था कि टाटा मोटर्स, अल्फा TC होल्डिंग्स और टाटा कैपिटल ग्रोथ फंड कुल 95,708,984 शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे, जो कि 20%, 2.40% और 1.20% हिस्सेदारी होती है.

इस कमी के पीछे वजह ये है कि टाटा मोटर्स ने IPO से पहले ही टाटा टेक में 9.9% हिस्सेदारी नए निवेशकों को 16,300 करोड़ रुपये की एंटरप्राइज वैल्यू पर बेच दिए थे. एक क्लाइमेट फोकस्ड प्राइवेट इक्विटी फंड TPG राइज क्लाइमेट SF ने पहले टाटा मोटर की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी यूनिट में 1 बिलियन डॉलर का निवेश करके टाटा टेक में 9% हिस्सेदारी खरीद ली थी. बाकी रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन ने बाकी की हिस्सेदारी ली.

क्या करती है कंपनी

टाटा टेक्नोलॉजीज, टाटा मोटर्स की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी कंपनी है, जो कि एक ग्लोबल ER&D सर्विसेज फर्म है जो ऑटोमोटिव सेक्टर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ओरिजनल इक्विमेंट मैन्युफैक्चरर्स को प्रोडक्ट डेवलपमेंट और डिजिटल सॉल्यूशंस मुहैया कराती है. जैगुआर लैंड रोवर और एयरबस इसके ग्राहकों की लिस्ट में ह. JLR ने हाल ही में अपने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के लिए टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ अपनी साझेदारी को आगे बढ़ाया है.

NDTV Profit हिंदी
फॉलो करें
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT