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राजीव जैन की GQG पार्टनर्स ने अदाणी ग्रुप में 10% बढ़ाई हिस्सेदारी, कहा- 'बनना चाहते हैं सबसे बड़ा निवेशक'

राजीव जैन ने इंटरव्यू के दौरान बताया कि GQG की अदाणी ग्रुप की कंपनियों में कुल होल्डिंग की वैल्यू 3.5 बिलियन डॉलर के करीब थी.
NDTV Profit हिंदीNDTV Profit डेस्क
NDTV Profit हिंदी02:53 PM IST, 23 May 2023NDTV Profit हिंदी
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दिग्गज निवेशक राजीव जैन की GQG पार्टनर्स ने अदाणी ग्रुप में अपनी हिस्सेदारी करीब 10% बढ़ा दी है, साथ ही राजीव जैन अदाणी ग्रुप के भविष्य की फंड जुटाने की योजनाओं में हिस्सा लेंगे, जिसे वो 'भारत में मौजूद बेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर असेट्स' कहते हैं.

'5 साल में सबसे बड़ा निवेशक बनना चाहते हैं'

ब्लूमबर्ग में छपी रिपोर्ट के मुताबिक- GQG के चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर राजीव जैन ने एक इंटरव्यू में कहा कि वो परिवार के बाद अदाणी ग्रुप में वैल्युएशन के आधार पर पांच सालों के अंदर सबसे बड़े निवेशक में शुमार होना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि 'हम निश्चित रूप से अदाणी ग्रुप के किसी भी नए ऑफर में भागीदार बनना चाहेंगे.'

होल्डिंग की कुल वैल्यू $3.5 बिलियन

राजीव जैन ने इंटरव्यू के दौरान बताया कि GQG की अदाणी ग्रुप की कंपनियों में कुल होल्डिंग की वैल्यू 3.5 बिलियन डॉलर के करीब थी. उन्होंने ये नहीं बताया कि उन्होंने किन कंपनियों में खरीदारी की या अदाणी के शेयरों में सीधी खरीद और तेजी से निवेश मूल्य का कितना हिस्सा आया.मार्च में, GQG ने एक फैमिली ट्रस्ट से अदाणी की चार कंपनियों में करीब 2 बिलियन डॉलर की वैल्यू के शेयर हासिल किए थे.

राजीव जैन ने ब्लूमबर्ग को इस साल की शुरुआत में कहा था कि उन्हें अपने 30 साल के करियर में एक आदर्श कंपनी नहीं मिली है. जैन ने कहा कि उन्हें शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग के आरोप की कोई चिंता नहीं है, जिसके बाद अदाणी ग्रुप के शेयरों में गिरावट आई थी, इन आरोपों को अदाणी ग्रुप ने बार बार झूठ और निराधार बताया है.

मार्च में किया था बड़ा निवेश

मार्च में, US की ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म, GQG पार्टनर्स ने 15,446 करोड़ रुपये में अदाणी ग्रुप की पोर्टफोलियो कंपनियों में हिस्सा खरीदा था. GQG पार्टनर्स ने अदाणी एंटरप्राइजेज में 3.39%, अदाणी पोर्ट्स में 0.04%, अदाणी ट्रांसमिशन में 2.55% और अदाणी ग्रीन एनर्जी में 3.51% हिस्सा खरीदा था.

तब राजीव जैन ने कहा था कि 'हमारा मानना ​​है कि इन कंपनियों के लिए लॉन्ग टर्म में ग्रोथ की काफी संभावनाएं हैं, और हम इन कंपनियों में निवेश करके खुश हैं जो भारत की अर्थव्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी ट्रांजिशन को आगे बढ़ाने में मदद करेंगी.'

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अदाणी की कंपनियों में जो गिरावट आई थी, उसमें अब जोरदार रिकवरी देखने को मिल रही है. अदाणी ग्रुप का मार्केट कैप आधा से ज्यादा रिकवर हो चुका है. शुक्रवार से अबतक मार्केट कैप में 1 लाख करोड़ की रिकवरी आई है.

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