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India Energy Week 2024: 11 लाख करोड़ कैपेक्स का एक बड़ा हिस्सा एनर्जी सेक्टर को जाएगा: PM मोदी

भारत में लगातार इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की डिमांड बढ़ रही है. ऐसा अनुमान है कि भारत की प्राइमरी एनर्जी डिमांड 2045 तक दोगुनी हो जाएगी: PM मोदी
NDTV Profit हिंदीमोहम्मद हामिद
NDTV Profit हिंदी01:11 PM IST, 06 Feb 2024NDTV Profit हिंदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मंगलवार को गोवा में इंडिया एनर्जी वीक (India Energy Week 2024) का उद्घाटन किया, साथ ही 1330 करोड़ रुपये की योजनाओं की आधारशिला रखी. PM मोदी ने बेतुल गांव में ONGC सी सर्वाइवल सेंटर का भी उद्घाटन किया. इंडिया एनर्जी वीक गोवा में 6-8 फरवरी तक चलेगा.

PM मोदी ने इस दौरान दुनिया भर से आए एनर्जी सेक्टर के निवेशकों को भी संबोधित किया. PM मोदी ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है. IMF ने भी भविष्यवाणी की है कि भारत इसी तेज रफ्तार से आगे बढ़ेगा. आज पूरी दुनिया के एक्सपर्ट्स ये मान रहे हैं कि भारत जल्द ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा.

भारत की ग्रोथ स्टोरी में एनर्जी सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका

उन्होंने कहा 'भारत की इस ग्रोथ स्टोरी में एनर्जी सेक्टर की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है. भारत पहले ही विश्व का तीसरा सबसे बड़ा एनर्जी कंज्यूमर है. भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता, तीसरा सबसे बड़ा LPG कंज्यूमर है. हम दुनिया के चौथे सबसे बड़े LNG इंपोर्टर हैं और चौथे सबसे बड़े रिफाइनर और चौथे सबसे बड़े ऑटो मोबाइल मार्केट वाले देश है.'

इंडिया एनर्जी वीक में PM मोदी

  • भारत की प्राइमरी एनर्जी डिमांड 2045 तक दोगुनी हो जाएगी

  • इंफ्रा पर 11 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का ऐलान किया है

  • इसका एक बड़ा हिस्सा एनर्जी सेक्टर के खाते में जाना तय है

  • भविष्य की जरूरतों को देखते हुए, भारत अभी से तैयारी कर रहा है

  • भारत देश के हर कोने में अफोर्डेबल एनर्जी को भी सुनिश्चित कर रहा है

एनर्जी सेक्टर की जरूरतों के लिए तैयार भारत

PM मोदी ने कहा 'आज भारत में में 2-व्हीलर्स और 4-व्हीलर्स की बिक्री के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं. भारत में लगातार इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की डिमांड बढ़ रही है. ऐसा अनुमान है कि भारत की प्राइमरी एनर्जी डिमांड 2045 तक दोगुनी हो जाएगी. यानी अगर हमें आज रोजाना 19 मिलियन बैरल के करीब तेल की जरूरत होती है तो, 2045 तक ये 38 मिलियन बैरल तक पहुंच जाएगी.

प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि भविष्य की इन जरूरतों को देखते हुए, भारत अभी से तैयारी कर रहा है, बढ़ती हुई एनर्जी डिमांड के बीच भारत देश के हर कोने में अफोर्डेबल एनर्जी को भी सुनिश्चित कर रहा है. भारत ऐसा देश है, जहां अनेक ग्लोबल फैक्टर्स के बाद भी बीते दो सालों में पेट्रोल और डीजल के दाम कम हुए हैं. भारत ने 100% इलेक्ट्रिसिटी कवरेज हासिल करते हुए बिजली को करोड़ों घरों तक पहुंचाया है. आज भारत विश्व के मंचों पर एनर्जी सेक्टर में आगे बढ़ रहा है.

इंडिया एनर्जी वीक में PM मोदी

  • ग्लोबल फैक्टर्स के बाद भी बीते दो सालों में पेट्रोल और डीजल के दाम कम हुए

  • 100% इलेक्ट्रिसिटी कवरेज हासिल, बिजली को करोड़ों घरों तक पहुंचाया

  • भारत की रिफाइनिंग क्षमता 450 mmtpa तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है

  • पिछले कुछ दिनों में भारत में बायो फ्यूल को तेजी से अपनाया गया है

  • 2025 तक पेट्रोल में 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं

'कैपेक्स का एक बड़ा हिस्सा एनर्जी सेक्टर को जाएगा'

'भारत न सिर्फ अपनी जरूरतों को पूरा कर रहा है, विश्व के विकास की दिशा भी तय कर रहा है. PM मोदी ने कहा 'भारत अपने यहां 21वीं सदी का आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर बना रहा है. इस वित्त वर्ष में हम इंफ्रा पर करीब 10 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं, बजट में हमने इंफ्रा पर 11 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का ऐलान किया है, इसका एक बड़ा हिस्सा एनर्जी सेक्टर के खाते में जाना तय है. इस बड़ी राशि से रेलवे, रोडवेज, वाटरवेज, एयरवेज या हाउसिंग, जो भी इंफ्रा देश में बनेगा उसको एनर्जी की जरूरत होगी. इसलिए भारत लगातार अपनी ऊर्जा क्षमताओं को बढ़ा रहा है'.

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जो रिफॉर्म किए हैं. उससे भारत में घरेलू गैस का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है, हम प्राइमरी एनर्जी मिक्स में नैचुरल गैस को 6% से बढ़ाकर 15% तक करने के लिए कोशिश कर रहे हैं, इसके लिए अगले 5-6 वर्षों में करीब 67 बिलियन डॉलर का निवेश होने जा रहा है. हम पहले ही विश्व के सबसे बड़े रिफाइनर में से एक हैं. आज हमारी रिफाइनरिंग क्षमता 254 mmtpa से ज्यादा हो चुकी है, 2030 तक भारत की रिफाइनिंग क्षमता 450 mmtpa तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. आज दुनिया में तेल, गैस और एनर्जी सेक्टर से जुड़ा करीब हर लीडर भारत में निवेश करना चाहता है.

बायो फ्यूल अलायंस को दुनिया ने अपनाया

G20 समिट में हमने ग्लोबल बायो फ्यूल अलायंस को शुरू किया था. इस अलायंस ने पूरे विश्व की सरकारों, संस्थाओं और इंडस्ट्रीज को एकसाथ इकट्ठा कर दिया है. बहुत कम समय में ही 22 देश और 12 इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन इस अलायंस से जुड़ गए हैं. इससे पूरे विश्व में बायो फ्यूल के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा, इससे करीब 500 बिलियन डॉलर की आर्थिक संभावनाओं को भी बनाने में मदद मिलेगी. पिछले कुछ दिनों में भारत में बायो फ्यूल को तेजी से अपनाया गया है.

एथेनॉल ब्लेंडिंग 20% करेंगे

10 साल पहले हमारे यहां पेट्रोल में एथेनॉल की ब्लेंडिंग 1.5% के आसपास थी, 2023 में ये 12% हो गई है, इससे लगभग 42 मिलियन मीट्रिक टन कार्बन एमिशन कम हुआ है. हम 2025 तक पेट्रोल में 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं. पिछले इंडिया एनर्जी वीक में भारत ने 80 से ज्यादा रिटेल आउटलेट पर 20% पेट्रोल ब्लेंडिंग की शुरुआत की थी, अब हम 9000 रिटेल आउटलेट पर ये काम कर रहे हैं. सरकार 5000 कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट लगाने की दिशा में काम कर रही है. इतनी बड़ी आबादी होने के बावजूद, दुनिया में भारत का कार्बन एमिशन हिस्सा सिर्फ 4% है. 2070 तक हम नेट जीरो का लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं.

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