देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग कंपनी लार्सन एंड टुब्रो का मुनाफा पिछले कारोबारी साल की चौथी तिमाही में 25% बढ़ा है. साल दर साल ये बढ़ोतरी बाजार के अनुमान से अधिक है.
कंपनी के गुरुवार की एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार जनवरी-मार्च की अवधि में 5,497 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है. ब्लूमबर्ग के ट्रैक किए गए विश्लेषकों ने 4,545 करोड़ रुपये मुनाफे की उम्मीद जतायी थी.
आय 10.9% बढ़ी; 67,079 करोड़ रुपये से बढ़कर 74,392 करोड़ रुपये (ब्लूमबर्ग अनुमान: 76,298 करोड़ रुपये)।
EBITDA 13.4% बढ़ा; 7,234 करोड़ रुपये से बढ़कर 8,203 करोड़ रुपये (ब्लूमबर्ग अनुमान 8,301 करोड़ रुपये)।
EBITDA मार्जिन 11% रहा; पिछले वित्त वर्ष में ये 10.8% था (अनुमान: 10.9%)।
मुनाफा 25% बढ़ा; 4,396 करोड़ रुपये से बढ़कर 5,497 करोड़ रुपये (ब्लूमबर्ग अनुमान 4,545 करोड़ रुपये)।
कंपनी ने 34 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है
मार्च 2025 तक ग्रुप की कुल ऑर्डरबुक 5.79 लाख करोड़ रुपये थी, इसमें मार्च 2024 की तुलना में 22% की बढ़त हुई है. इस ऑर्डरबुक में अंतरराष्ट्रीय कॉन्ट्रैक्ट्स की हिस्सेदारी 46% है.
कंपनी को 31 मार्च, 2025 को खत्म हुए कारोबारी साल के दौरान समूह स्तर पर 3.56 लाख करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले, इसमें 18% की बढ़त हुई है. वित्त वर्ष 2025 के गाइडेंस से 10% ज्यादा है.
तिमाही के लिए ऑर्डर इनफ्लो 89,613 करोड़ रुपये रहा. इसमें 24% की बढ़ोतरी हुई है. तिमाही के दौरान अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर 62,739 करोड़ रुपये रहे, जो कुल इनफ्लो का 70% है.