ADVERTISEMENT

Odisha Train Accident: CBI ने 3 रेल कर्मचारियों को किया गिरफ्तार, गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज

जांच एजेंसी ने इन तीनों को IPC की दो धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है.
NDTV Profit हिंदीNDTV Profit डेस्क
NDTV Profit हिंदी02:53 PM IST, 08 Jul 2023NDTV Profit हिंदी
NDTV Profit हिंदी
NDTV Profit हिंदी
Follow us on Google NewsNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदी

ओडिशा के बालासोर (Balasore) में ट्रेन हादसे से जुड़े मामले में पहली गिरफ्तारी हो गई है. जांच एजेंसी CBI ने 3 रेलवे कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है.

CBI ने शुक्रवार को सीनियर सेक्शन इंजीनियर (सिग्नल) अरुण कुमार महंत, सेक्शन इंजीनियर मोहम्मद आमिर खान और टेक्नीशियन पप्पू कुमार को गिरफ्तार किया.

किन धाराओं में किया गिरफ्तार?

तीनों को IPC की धारा 304 के तहत गैर-इरादतन हत्या और धारा 201 के तहत सबूत मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किया है. इन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच भुवनेश्वर की स्पेशल CBI कोर्ट में पेश किया गया. PTI ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी कि तीनों आरोपियों के लिए 7 दिन की रिमांड मांगी गई थी, लेकिन कोर्ट ने फिलहाल 5 दिन की रिमांड दी है.

6 जून को शुरू हुई CBI जांच

ओडिशा के बालासोर में भीषण रेल हादसे के मामले में CBI ने अपनी जांच 6 जून को शुरू कर दी थी. केंद्रीय जांच एजेंसी ने IPC और रेलवे अध‍िन‍ियम की व‍िभ‍िन्‍न धाराओं के तहत इस मामले में FIR दर्ज की थी.

CBI ने रेल मंत्रालय की सिफारिश पर केस दर्ज किया था. इसमें ओडिशा सरकार की सहमति भी शामिल रही. शुरुआती जांच आगे बढ़ाते हुए CBI की टीम ने सिग्नल रूम और रेल पटरियों का निरीक्षण किया. इसके बाद बाहानगा बाजार रेलवे स्टेशन पर तैनात रेलवे के अधिकारियों से पूछताछ भी की.

CBI के अधिकारियों ने कहा था कि एजेंसी को रेलवे से जुड़े काम की बहुत कम जानकारी है. उसे मामले की तह तक जाने के लिए रेल सुरक्षा और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद की जरूरत हो सकती है.

CBI के अनुसार, जिन अरुण कुमार महंत को गिरफ्तार किया गया है, उनका नाम रेलवे द्वारा गठित जांच टीम की पड़ताल में भी सामने आया था. उस वक्त उन्होंने हादसे के दौरान सिग्नल डिपार्टमेंट में किसी प्रकार की गलती से इनकार किया था.

वहीं, रेलवे की उच्च स्तरीय जांच टीम ने 'गलत सिग्नलिंग' को जिम्मेदार माना और सिग्नलिंग और टेलीकम्युनिकेशन डिपार्टमेंट की 'अनेक स्तरों पर चूक' को चिह्नित किया. टीम ने कहा कि अगर पहले की घटनाओं को रिपोर्ट किया जाता, तो इस हादसे को रोका जा सकता था.

दिल दहला देने वाला हादसा

2 जून को ओडिशा में बाहानगा बाजार स्टेशन के पास ये दिल दहला देने वाला हादसा हुआ था, जिसमें कोरोमंडल एक्सप्रेस, बेंगलुरु-हावड़ा और एक मालगाड़ी भिड़ंत का शिकार हुई थीं. हादसे में 280 से अधिक लोगों की जान गई थी और 1000 से ज्यादा लोग घायल हुए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटनास्थल के दौरे के बाद कहा था, 'इस घटना के जो भी जिम्मेदार होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा.'

NDTV Profit हिंदी
फॉलो करें
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT