ADVERTISEMENT

BharatPe: दिल्ली पुलिस का दावा- अश्नीर ग्रोवर से जुड़ी HR फर्म्स ने की ₹7.6 करोड़ की हेराफेरी

दिल्ली हाई कोर्ट में जमा स्टेट्स रिपोर्ट में पुलिस ने कहा कि ग्रोवर की पत्नी माधुरी जैन से जुड़ी 8 ह्यूमन रिसोर्स फर्म्स ने भारतपे से 7.6 करोड़ रुपये की साइफनिंग की है.
NDTV Profit हिंदीNDTV Profit डेस्क
NDTV Profit हिंदी09:59 PM IST, 15 Nov 2023NDTV Profit हिंदी
NDTV Profit हिंदी
NDTV Profit हिंदी
Follow us on Google NewsNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदीNDTV Profit हिंदी

दिल्ली पुलिस की जांच में अश्नीर ग्रोवर (Ashneer Grover) पर फंड साइफनिंग के आरोप लगाए गए हैं. दिल्ली हाई कोर्ट में जमा स्टेट्स रिपोर्ट में पुलिस ने कहा कि ग्रोवर की पत्नी माधुरी जैन से जुड़ी 8 ह्यूमन रिसोर्स फर्म्स ने भारतपे से 7.6 करोड़ रुपये की साइफनिंग की है. माधुरी जैन पहले भारतपे की डायरेक्टर ऑफ पे रह चुकी हैं.

जिन आठ फर्मों का यहां जिक्र है, वे सभी माधुरी जैन के रिश्तेदारों से जुड़ी हैं. इनमें उनके पिता सुरेश जैन और भाई श्वेतांक जैन शामिल हैं. दिल्ली पुलिस की जांच के मुताबिक इन आठ फर्मों पर आरोप है कि इन्होंने गलत इन्होंने भारतपे में HR सर्विसेज के लिए झूठे इनवॉइस लगाए.

इन कंपनियों के नाम हैं:

  • वर्धमान मार्केटिंग

  • इंप्लस मार्केटिंग

  • विस्टा सर्विसेज

  • इवोल्व बिजसर्व

  • टीम सोर्स

  • टीम वर्क्स

  • ट्रू वर्क्स

  • विकास एंटरप्राइजेज (टीम प्लस सर्विसेज)

अश्नीर ग्रोवर ने दिया जवाब

अश्नीर ग्रोवर ने ट्विटर पर लिखा कि आखिर में वे बेकसूर साबित होंगे. उन्होंने कहा, 'अश्नीर ग्रोवर ने लिखा, 'FIR को रद्द करने की याचिका दाखिल कर ली गई है और इस पर सुनवाई हो रही है. मेरे खिलाफ दायर कई सिविल मामलों में भारतपे को एक में भी राहत नहीं मिली है. जबकि ये लोग 100 करोड़ रुपये वकीलों पर खर्च कर चुके हैं.'

ग्रोवर ने आगे लिखा, 'ऑडिटर्स (डेलॉयट) की एनुअल रिपोर्ट्स के मुताबिक कोई भी फ्रॉड रिपोर्ट नहीं हुआ है और कहा है कि कंपनी के फाइनेंशियल सही हैं. EOW का कहना है कि जांच शुरुआती स्टेज पर है और कई अथॉरिटीज के जवाब मिलना और उनका परीक्षण होना बाकी है. वहीं IT डिपार्टमेंट कहता है कि अश्नीर के सभी फंड्स पर ठीक ढंग से टैक्स लगाया गया है और अश्नीर का कोई भी पैसा बकाया नहीं है. भारतपे में उनकी 80 करोड़ रुपये की इक्विटी को इन्वेस्टर्स ने तीन साल में खरीद लिया है. सभी बैंक स्टेटमेंट, ITRs और बैलेंस शीट को फाइल किया गया है.'

पुलिस ने क्या कहा?

पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा, 'फर्म्स की स्थापना और इनके बैंक अकाउंट को सिर्फ फंड की साइफनिंग और आरोपित लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए खोला गया था.'

BQ प्राइम ने स्टेट्स रिपोर्ट का रिव्यू किया है. पुलिस के मुताबिक, ऊपर जिन 8 फर्मों का उल्लेख है, इनमें से शुरुआती 6 की क्रेडिट एंट्रीज सिर्फ भारतपे से हैं. जबकि डेबिट एंट्रीज सिर्फ सेल्फ कैश विड्रॉल्स की हैं. दूसरी डेबिट एंट्रीज आरोपित लोगों और उनकी कंपनियों से जुड़ी हैं.

पुलिस ने कहा, 'आरोपित लोगों के ऑफिशियल इमेल के एनालिसिस और कंपनी बैंक अकाउंट्स के एनालिसिस से पता चलता है कि माधुरी जैन अकाउंट ब्रांच को इन HR कंसल्टेंट को पेमेंट देने की प्रक्रिया को तेज करने को कहती थीं.'

पुलिस ने आगे बताया कि कुछ मामलों में माधुरी जैन रिक्रूटेड कैंडिडेट्स के बारे में अहम जानकारी अपने पिता और भाई के साथ शेयर करती थीं. ये वो कैंडिडेट जिन्हें पियर्स या इंडस्ट्री रिकमेंडेशन के आधार पर रखा जाता था. लेकिन फर्जी इनवॉइस के जरिए बताया जाता कि इन्हें कंसल्टेंसी फर्म्स के जरिए हायर किया गया है. इसके बाद ये फर्म्स रिक्रूटमेंट के लिए भारतपे से मोटी रकम कमीशन के लिए लेतीं.

अपनी जांच के दौरान पुलिस ने इन इनवॉइस की जांच की, जहां HR फर्म्स ने खास HSIN कोड का इस्तेमाल किया था. GST डिपार्टमेंट के मुताबिक, इस HSIN कोड का इस्तेमाल परमानेंट प्लेसमेंट एजेंसीज और दूसरी एक्जीक्यूटिव सर्च सर्विसेज के साथ किया गया.

इन HR फर्मों के मालिक इन इनवॉइस के एवज में जो काम किया गया है, उसके लिए सबूत पेश नहीं कर पाए.

दिल्ली पुलिस ने 33 गैरमौजूद/फर्जी वेंडर्स की भी जांच की, जहां इनमें से 23 वेंडर्स को खोजा ही नहीं जा सका. लेकिन ये जांच अभी अपनी शुरुआती स्टेज में ही है. मार्च, 2022 में भारतपे ने अश्नीर ग्रोवर को पद से हटा दिया था. ये कार्रवाई इंटरनल गवर्नेंस रिव्यू में सामने आए गंभीर मुद्दों के बाद की गई थी.

NDTV Profit हिंदी
फॉलो करें
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT