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धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में 50,000 से अधिक घरों के सर्वे का रिकॉर्ड बना

नए सर्वेक्षण आंकड़ों के मुताबिक 85,000 झुग्गी बस्तियों के लिए नंबरिंग पूरी हो चुकी है, जबकि लगभग 53,000 झुग्गियों में घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जा चुका है.
NDTV Profit हिंदीNDTV Profit डेस्क
NDTV Profit हिंदी08:06 PM IST, 27 Feb 2025NDTV Profit हिंदी
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धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट (DRP) में 53,000 से अधिक डोर-टू-डोर सर्वेक्षण पूरा करके एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है. ये मुंबई स्लम पुनर्वास प्राधिकरण SRA के इतिहास में सबसे अधिक है. धारावी पुनर्विकास परियोजना DRP के CEO, SVR श्रीनिवास ने मुंबई में पत्रकारों से मुलाकात की और मीडिया के जरिए सभी धारावीकरों से सर्वे में भाग लेने का आग्रह किया ताकि कोई भी आवास योजना से वंचित न रह जाये.

नए सर्वेक्षण आंकड़ों के मुताबिक, 85,000 झुग्गी बस्तियों के लिए नंबरिंग पूरी हो चुकी है, जबकि लगभग 53,000 झुग्गियों में घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जा चुका है. माना जा रहा है की एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी जिसमें घनी और विविधतापूर्ण आबादी है. इसकी जटिलता, सटीकता और तार्किक चुनौतियों को देखें तो ये एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. यहां लगभग 1.5 लाख झुग्गियों का पुनर्वास किया जाएगा.

टेंडर शर्तों के तहत, पात्र धारावीकरों को धारावी के भीतर ही पुनर्वासित किया जाएगा, जबकि अपात्र निवासियों को धारावी के बाहर लेकिन धारावी से 10 किमी के दायरे में मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के भीतर आधुनिक सुविधाओं के साथ आधुनिक टाउनशिप में स्थानांतरित किया जाएगा. निवासियों को अच्छी तरह से नियोजित टाउनशिप में रखा जाएगा, जिसमें चौड़ी सड़कें, हरित स्थान और उचित जल और सीवेज सिस्टम जैसी उपयुक्त सुविधाएं होंगी.

धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत, सर्वेक्षण के जरिए हर घर, दुकान, शैक्षणिक और धार्मिक संस्थान को एक खास पहचान संख्या दी जा रही है. इस सर्वेक्षण के आधार पर ही, धारावी के पुनर्विकास की योजना बनाई जाएगी और इसके आधार पर पुनर्वास पात्रता तय की जाएगी.

इस रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में धारावी के भीतर धार्मिक स्थलों से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है. ये कमेटी धारावी पुनर्विकास परियोजना के भीतर अवैध धार्मिक स्थलों को स्थानांतरित करने या नियमित करने पर ध्यान केंद्रित करेगी.

सर्वेक्षण में कुछ चुनौतियां धारावी के सोशल नगर, राजीव गांधी नगर जैसे कुछ इलाकों में सामने आई हैं, जहां सर्वे करने वाली टीम इन घरों से 2-3 बार लौट चुकी है. यहां के कुछ निवासी सर्वे में शामिल होने के लिए कागजात देने से परहेज कर रहे हैं, तो ऐसे भी घर हैं जिनमें रहने वाले लोग शहर से बाहर हैं.

धारावी पुनर्विकास परियोजना के तहत, धारावी के पात्र निवासियों को 350 वर्ग फ़ुट के फ़्लैट मिलेंगे. ये फ्लैट, झुग्गी पुनर्विकास परियोजनाओं में मिलने वाले फ्लैटों से 17% बड़े हैं. जिनमें किचन और बाथरूम भी होंगे. लेकिन धारावी के माटुंगा लेबर कैम्प, शाहू नगर जैसे कुछ नॉन-स्लम इलाके भी हैं जहां की करीब 18-20 सोसाइटीज में रहने वाले लगभग 5,000 लोग ज्यादा एरिया की माग कर रहे हैं. इनसे बातचीत चल रही है. हालांकि यहां 90% रहवासियों के घर 250-300 वर्गफुट से कम हैं. वैसे, बताया जा रहा है की इन सोसाइटीज के लगभग सभी निवासी इस परियोजना के समर्थन में हैं

धारावी में सरकारी सर्वेक्षण, राज्य सरकार के नेतृत्व में चल रहा है. सर्वेक्षण टीम पहले रेकी करती है. फिर लिडार (LiDAR), रिमोट सेंसिंग विधि से सतह पर सटीक दूरी मापने का काम हो रहा है. इससे धारावी के भूभाग, संरचनाओं, और मार्गों के 3D मॉडल तैयार कर 'डिजिटल ट्विन' यानी वर्चुअल रेप्लिका बनाया जा रहा है.

बेस मैप तैयार होने के बाद सर्वेक्षण टीम धारावी पहुँच ढांचों की नंबरिंग कर रही है और फिर रहवासियों से डिजिटल सर्वे के दौरान उनके काग़ज़ात मांगे जाते हैं फिर स्कैन कर उन्हें लौटाये जाते हैं. सर्वेक्षण करने से लेकर रसीद देने तक की प्रक्रिया सरकार द्वारा ही हो रही है.

इस सर्वेक्षण से, धारावी के पुनर्विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा. 
जानकारी के अनुसार प्रोजेक्ट को पूरा करने में करीब 2-3 लाख करोड़ रुपये का खर्च आएगा. सिर्फ लोगों के पुनर्वसन में करीब 25,000 करोड़ खर्च होने की उम्मीद है.

इधर, माटुंगा पश्चिम में 6.4 एकड़ रेलवे भूमि पार्सल पर पहले चरण की शुरुआत की तैयारी है. ये भूमि 45 एकड़ भूमि का एक हिस्सा है जिसे परियोजना की विभिन्न कार्यवाही के लिए प्राधिकरण से मांगा गया है. NMDPL ने 45 एकड़ जमीन के लिए रेलवे को पहले ही 1,000 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है और अदाणी धारावी स्लम पुनर्विकास परियोजना की आय से न्यूनतम राजस्व बंटवारे के माध्यम से अतिरिक्त 2,800 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जाएगा.

227,136 प्रति वर्ग किलोमीटर की जनसंख्या घनत्व के साथ, ये मुंबई के सबसे अधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में से एक है. कुल 600 एकड़ क्षेत्र में फैली इस परियोजना का उद्देश्य आधुनिक वाणिज्यिक विकास को एकीकृत करते हुए दस लाख से अधिक धारावी निवासियों का पुनर्वास करना है.

ये परियोजना राज्य सरकार और अदाणी समूह के बीच एक संयुक्त प्रोजेक्ट है. इस परियोजना को शुरू करने वाली कंपनी का नाम धारावी पुनर्विकास परियोजना प्राइवेट लिमिटेड (DRPPL) से नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (NMDPL) रखा गया है. अदाणी समूह की इकाई के पास NMDPL में 80% हिस्सेदारी है और महाराष्ट्र सरकार के पास शेष 20% हिस्सेदारी है.

नवंबर 2022 में, रियल एस्टेट डेवलपमेंट कंपनी अदाणी प्रॉपर्टीज, स्लम के पुनर्विकास के अधिकार हासिल करने के लिए सबसे अधिक बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी. इसे 5,069 करोड़ रुपये की बोली के साथ हासिल किया गया था.

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