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Mutual Funds: लगातार बढ़ रही है महिला निवेशकों की संख्या, इस एज ग्रुप में सबसे तेज रही रफ्तार

देश के तमाम शहरों की महिलाएं म्यूचुअल फंड निवेश में आगे बढ़ रही हैं, फिर चाहे वो टॉप 30 में आने वाले बड़े शहर हों या बॉटम 30 में आने वाले छोटे शहर.
NDTV Profit हिंदीNDTV Profit डेस्क
NDTV Profit हिंदी08:38 AM IST, 22 Apr 2023NDTV Profit हिंदी
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देश में म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) इंडस्ट्री का बेस लगातार बढ़ रहा है. इक्विटी में सीधे पैसे लगाने की तुलना में म्यूचुअल फंड न सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि इसमें रिटर्न भी ज्यादातर एसेट क्लास की तुलना में बेहतर मिलते हैं. यही वजह है कि पिछले 5 साल के दौरान देश की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का साइज बढ़कर लगभग डबल हो गया है.

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़े देखें तो मार्च 2018 में इंडस्ट्री का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 22.50 लाख करोड़ रुपये के करीब था, जो मार्च 2023 में बढ़कर 40.05 लाख करोड़ रुपये पर जा पहुंचा. म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की इस तरक्की में महिला निवेशकों का बड़ा योगदान है. उनमें भी 18 से 24 साल की युवा महिला निवेशकों की संख्या सबसे तेज बढ़ी है.

लगातार बढ़ रही है महिला निवेशकों की संख्या

AMFI के अनुसार म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने वाली महिलाओं की तादाद बीते 1 साल में करीब 15% और 3 साल में करीब 50% बढ़ी है. दिसंबर 2022 के अंत तक म्यूचुअल फंड में महिला निवेशकों की संख्या बढ़कर 74.5 लाख हो गई, जो दिसंबर 2021 में 63.8 लाख थी. दिसंबर 2019 के अंत तक महिला निवेशकों की तादाद 46.99 लाख थी. महिला निवेशकों की संख्या के ये आंकड़े निवेशकों के पैन नंबर से मिली जानकारी पर आधारित हैं.

AMFI के आंकड़ों के अनुसार मार्च 2023 के अंत में पैन नंबर के आधार पर यूनिक निवेशकों की कुल संख्या (पुरुषों और महिलाओं को मिलाकर) 3.77 करोड़ थी. जबकि उसके पिछले वित्त वर्ष यानी 2021-22 के अंत में यह संख्या 3.37 करोड़ थी. यूनिक निवेशकों की संख्या मार्च 2017 से मार्च 2023 के अंत तक 214% बढ़ी है.

45+ की महिलाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा

AMFI के अनुसार म्यूचुअल फंड में सबसे ज्यादा दिलचस्पी 45 साल या उससे ज्यादा उम्र वाली महिलाओं की है. दिसंबर 2022 तक म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाली 45 साल या उससे ज्यादा उम्र की महिलाओं की संख्या 28,45,621 थी, जो कुल महिलाओं की संख्या का 35% है. दिसंबर 2021 तक इस उम्र की महिला निवेशकों की संख्या 26,12,833 थी, दिसंबर 2020 तक इनकी संख्या 22,85,729 और दिसंबर 2019 तक 22,12,835 थी.

सबसे तेजी से बढ़ीं 18-24 साल की महिला निवेशक 

भले ही म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाली महिलाओं में 45 साल या उससे ज्यादा उम्र वाली महिलाओं की तादाद सबसे ज्यादा है, लेकिन उनकी संख्या में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ोतरी 18 से 24 साल की उम्र वाली महिलाओं में देखने को मिल रही है. इस उम्र की महिला निवेशकों की संख्या दिसंबर 2019 में 66,417 थी, जो दिसंबर 2022 में बढ़कर 2,81,905 पर जा पहुंची. यानी इन तीन साल के दौरान इनकी संख्या में 4 गुना उछाल आ गया. दिसंबर 2020 में इनकी संख्या 79,649 और दिसंबर 2021 में 1,64,891 थी.

बाकी एज ग्रुप का हाल

25-35 साल की महिला निवेशकों की संख्या दिसंबर 2019 में 8.59 लाख थी, जो दिसंबर 2020 तक बढ़कर 9.84 लाख, दिसंबर 2021 में 15.51 लाख और दिसंबर 2022 में बढ़कर करीब 20 लाख पर जा पहुंची. यानी इनकी तादाद भी तीन साल में दो गुने से ज्यादा हो गई.

इसी तरह 36-45 साल की उम्र वाली महिला निवेशकों की संख्या दिसंबर 2019 में 11.56 लाख थी, जो दिसंबर 2020 में बढ़कर 12.28 लाख, दिसंबर 2021 में 15.07 लाख और दिसंबर 2022 तक बढ़कर 17.44 लाख पर जा पहुंची.

छोटे-बड़े तमाम शहरों की महिलाएं निवेश में आगे

देश के तमाम शहरों की महिलाएं म्यूचुअल फंड निवेश में आगे बढ़ रही हैं, फिर चाहे वो टॉप 30 में आने वाले बड़े शहर हों या बॉटम 30 में आने वाले छोटे शहर. टॉप 30 शहरों की बात करें तो उनमें महिला निवेशकों की संख्या दिसंबर 2019 में 27.94 लाख थी, जो दिसंबर 2020 में 29.03 लाख, दिसंबर 2021 में 32.61 लाख और दिसंबर 2022 में बढ़कर 41.67 लाख हो गई. दूसरी तरफ देश के 30 सबसे छोटे शहरों में महिला निवेशकों की संख्या दिसंबर 2019 में 19.05 लाख थी, जो दिसंबर 2020 में 20.51 लाख, दिसंबर 2021 में 31.24 लाख और दिसंबर 2022 में बढ़कर 32.83 लाख पर जा पहुंची.

म्यूचुअल फंड में महिला निवेशकों की तेजी से बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि भारत की आधी आबादी वक्त के साथ-साथ न सिर्फ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही है, बल्कि जागरूक निवेशकों के तौर पर अपनी और देश की तरक्की में बढ़-चढ़कर योगदान भी कर रही है. 

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