7 दिसंबर 2022 को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने रेपो रेट में 35 बेसिस प्वॉइंट (bps) की बढ़ोतरी कर दी. इसके साथ ही रेपो रेट हो गया 6.25 परसेंट. मई 2022 से रेपो रेट में बढ़ोतरी का सिलसिला लगातार जारी रहा, और इसमें 225 bps की भारी बढ़ोतरी हो चुकी है. जाहिर है इसका असर एक तरफ महंगे कर्ज के रूप में दिख रहा है, वहीं दूसरी तरफ बैंक की जमा योजनाएं भी पहले से ज्यादा आकर्षक हो गई हैं.
ऐसे में लोगों के मन में ये सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब बैंक FD पर इंटरेस्ट रेट अच्छा मिल रहा है, तब क्या लंबी अवधि की फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीमों में पैसे नहीं लगाना चाहिए. खास तौर पर रिटायर्ड लोगों के लिए इस सवाल का महत्व और बढ़ जाता है, जो अपने निवेश पर एक सीमा से ज्यादा जोखिम नहीं उठा सकते, तो क्या अब FD में पैसे 5, 7 या 10 साल के लिए लॉक कर दिया जाए?
RBI के लिए ब्याज दरों की समीक्षा का अगला मौका आएगा फरवरी 2023 में आएगा, और इस बात की संभावना ज्यादा है कि RBI एक बार और (शायद आखिरी बार) रेपो रेट 25 bps तक बढ़ा सकता है, लेकिन अगर महंगाई की स्थिति RBI के कम्फर्ट लेवल पर रही तो हो सकता है कि ब्याज दरें आगे न बढ़ाई जाएं, क्योंकि उसके बाद इकोनॉमिक ग्रोथ पर फोकस बढ़ाना जरूरी होगा.
रेपो रेट में ताजी बढ़ोतरी के बाद बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने अपनी- अपनी जमा योजनाओं पर ब्याज दरें बढ़ानी शुरू कर दी हैं. सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक ने 15 दिनों के लिए एक स्पेशल स्कीम निकाली है, जिसमें 5 साल की FD पर 9.01% ब्याज मिलेगा. एक और छोटा बैंक है- यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक, जिसमें 5 साल तक की जमा योजनाओं पर 7.65% ब्याज मिल रहा है. हालांकि ICICI Bank, HDFC Bank या SBI जैसे बड़े बैंकों में FD पर ब्याज दर इतनी ज्यादा नहीं है.
देश के सबसे बड़े बैंकों में तीन- SBI, ICICI Bank और HDFC Bank में 2 करोड़ रुपए से कम की FD अगर 5 साल के लिए कराई जाए तो 6.10% से 6.60% तक का सालाना ब्याज आपको मिलेगा.
अगर आप उन लोगों में से हैं, जो अपने पैसे निवेश करने के लिए ब्याज दरें बढ़ने का इंतजार कर रहे थे तब आपके इंतजार का मीठा फल खाने का वक्त आ गया है. या अगर आपकी पुरानी एफडी अगले एक- दो महीने में मैच्योर करने वाली है, तब भी आपके लिए बिल्कुल माकूल वक्त है कि आप अपनी एफडी को कम से कम 5 साल की अवधि के लिए रिन्यू कर दें.
बैंकिंग सेक्टर के जानकारों का मानना है कि आरबीआई की तरफ से फरवरी में अगर रेपो रेट बढ़ाया भी जाता है तो भी वो बढ़ोतरी 25 bps से ज्यादा नहीं होगी. ऐसे में माना जा सकता है कि देश में ब्याज दरें लगभग अपने ‘पीक’ यानी सबसे ऊंचे स्तर के करीब पहुंच गई हैं. इसलिए अगर आप लंबी अवधि के लिए एफडी लेना चाहते हैं या एफडी को रिन्यू करना चाहते हैं, तब आप ऐसा बेहिचक कर सकते हैं. और हां, आप बड़े बैंकों के मुकाबले छोटे फाइनेंस बैंकों को भी तरजीह दे सकते हैं, क्योंकि वहां आपको दो से ढाई परसेंट तक ज्यादा ब्याज हर साल मिल सकता है. और, अब सभी बैंकों में निवेशकों के लिए 5 लाख रुपए तक की रकम इंश्योर्ड है.
आपके लिए कंपनी फिक्स्ड डिपॉजिट्स का भी ऑप्शन है. यहां भी आपको बड़े बैंकों के मुकाबले बेहतर ब्याज दर पर एफडी की सुविधा मिलेगी. लेकिन ये ध्यान रखें कि कंपनी भरोसेमंद हो. आप न सिर्फ कंपनी की रेटिंग देखें, उनके फाइनेंशियल स्टेटमेंट और परफॉर्मेंस पर भी नजर जरूर दौड़ाएं.