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Lok Sabha Speaker Row: नहीं बनी सहमति, विपक्ष ने के सुरेश और सरकार ने ओम बिरला को स्पीकर पद के लिए उतारा, दोनों ने भरा नामांकन

1946 के बाद से लोकसभा के इतिहास में ऐसा पहली हो रहा है कि जब स्पीकर के लिए चुनाव होगा. इसके पहले जितने भी स्पीकर चयनित हुए हैं, सभी विपक्ष और सरकार के बीच आपसी रजामंदी और सहमति से तय हुए हैं.
NDTV Profit हिंदीमोहम्मद हामिद
NDTV Profit हिंदी12:28 PM IST, 25 Jun 2024NDTV Profit हिंदी
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INDIA ब्लॉक और सरकार के बीच लोकसभा के डिप्टी स्पीकर सहमति नहीं बनने की वजह से दोनों ने ही अपनी-अपनी तरफ से लोकसभा स्पीकर के लिए कैंडिडेट उतार दिए हैं. स्पीकर पद के लिए कल, मतलब 26 जून को 11 बजे मतदान किया जाएगा.

NDA सरकार की तरफ से ओम बिरला ने लोकसभा स्पीकर के लिए नामांकन दाखिल किया है, जबकि कांग्रेस के 8 बार के सांसद के सुरेश को INDIA ब्लॉक की तरफ से स्पीकर का उम्मीदवार चुना गया है, के सुरेश ने भी नामांकन दाखिल कर दिया है.

बता दें ओम बिरला राजस्थान के कोटा से सांसद हैं. इससे पहले वे 17वीं लोकसभा में 2019 से 2024 तक भी लोकसभा स्पीकर थे. जबकि स्पीकर पद के लिए विपक्ष के प्रत्याशी के सुरेश केरल के मवेलीकारा से सांसद हैं. वे 8 बार के सांसद हैं. फिलहाल वे संसद में सबसे सीनियर सांसद हैं.

चुनाव के बाद स्पीकर के लिए पहली बार चुनाव

आजाद भारत में पहली बार है, जब चुनाव के ठीक बाद लोकसभा स्पीकर की नियुक्ति के दौरान चुनाव होने जा रहे हैं. आजादी से पहले 1946 में लोकसभा स्पीकर के लिए चुनाव हुए थे. अब तक जितने भी स्पीकर हुए हैं, वे सत्ताधारी पार्टी के प्रत्याशी रहे हैं और उनके नाम पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में आम सहमति बनी.

हालांकि 1976 में एक मौका ऐसा आया था, जब स्पीकर पद के लिए चुनाव हुए थे. लेकिन तब ये आम चुनाव के बाद का दौर नहीं था. इमरजेंसी के दौर में 1976 में तत्कालीन स्पीकर को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपने कैबिनेट में शामिल कर लिया. इसके बाद इंदिरा की पार्टी कांग्रेस ने बलिराम भगत को स्पीकर पद के लिए प्रत्याशी बनाया. लेकिन इसके जवाब में जनसंघ ने जगन्नाथराव को मैदान में उतारा. हालांकि चुनाव में उनकी हार हुई.

डिप्टी स्पीकर का पद चाहता था विपक्ष

दरअसल विपक्ष स्पीकर के नाम पर NDA से सहमति बनाने को तैयार था. लेकिन बदले में डिप्टी स्पीकर के पद की मांग थी.

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि वो सरकार के स्पीकर का समर्थन करने को तैयार हैं, लेकिन उनकी शर्त ये है कि डिप्टी स्पीकर विपक्ष का होना चाहिए.

इस मामले पर राजनाथ सिंह लगातार विपक्षी नेताओं से संपर्क कर लोकसभा स्पीकर के नाम पर सहमति बनाने की कोशिश में लगे हुए हैं.

राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद के सी वेणुगोपाल ने पत्रकारों से कहा, 'हमने डिप्टी स्पीकर पद की मांग की है, लेकिन सरकार के साथ इस पर सहमति नहीं बन पाई है, इसलिए INDIA ब्लॉक की तरफ से लोकसभा स्पीकर पद के लिए हम कैंडिडेट उतारेंगे.'

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