जीएसटी से बढ़ेगी जीडीपी, रेटिंग सुधारने में मिलेगी मदद : मूडीज

माल एवं सेवाकर (जीएसटी) व्यवस्था को लागू करना भारत की रेटिंग के लिये सकारात्मक कदम है. इससे सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की गति और तेज होगी और कर राजस्व में वृद्धि होगी.

माल एवं सेवाकर (जीएसटी) व्यवस्था को लागू करना भारत की रेटिंग के लिये सकारात्मक कदम है. इससे सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की गति और तेज होगी और कर राजस्व में वृद्धि होगी. मूडीज इनवेस्टर्स सवर्सि ने यह बात कही. मूडीज के उपाध्यक्ष (सावरेन जोखिम समूह) विलियम फोस्टर ने कहा, 'जीएसटी से मध्यम अवधि में कारोबार सुगमता बढ़ने, राष्ट्रीय बाजार का एकीकरण होने और विदेशी निवेश स्थल के तौर पर भारत का आकर्षण बढ़ने से हमारा मानना है कि उत्पादकता बढ़ेगी और जीडीपी वृद्धि की गति और तेज होगी.' जीएसटी से कर प्रशासन और अनुपालन में सुधार होने से सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा.

फोस्टर ने कहा, 'दोनों ही भारत की क्रेडिट रेटिंग के लिहाज से सकारात्मक होंगे, कमजोर राजस्व आधार की वजह से ही इसमें अड़चन बनी हुई थी.' मूडीज की भारत के लिये सकारात्मक परिदृश्य के साथ 'बीएए3' रेटिंग है.

भारत में आजादी के बाद का सबसे बड़ा कर सुधार माने जा रहे जीएसटी प्रणाली को 30 जून की रात को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बटन दबाकर लागू किया. अमेरिका स्थित इस एजेंसी का मानना है कि जीएसटी प्रणाली में कर क्रेडिट की सुविधा होने से कर अनुपालन को बढ़ावा मिलेगा.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

लेखक Bhasha