Onion Price Hike: देशभर में प्याज की कीमतों में जबरदस्त इजाफा हो रहा है. उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक ऑल इंडिया एवरेज रिटेल प्राइस 45 रुपये प्रति किलो है, जबकि अधिकतम कीमत 80 रुपये प्रति किलो है.
बीते दो दिनों से दिल्ली-NCR में प्याज के भाव 65-80 रुपये प्रति किलो तक चल रहे हैं, क्योंकि सप्लाई की किल्लत तेजी से बढ़ रही है.
दिल्ली में 400 सफल रिटेल आउटलेट के जरिए मदर डेयरी दिल्ली-NCR में प्याज 67 रुपये प्रति किलो के भाव पर प्याज बेच रही है, जबकि लोकल वेंडर्स प्याज 80 रुपये किलो के भाव पर प्याज बेच रहे हैं. इनका कहना है कि प्याज मंडी से ही काफी महंगी आ रही है. भाव भी आने वाले दिनों में 100 रुपये/किलो के पार जा सकते हैं.
कंज्यूमर अफेयर्स सेक्रेटरी रोहित कुमार सिंह ने PTI को बताया कि 'हम अगस्त से ही प्याज का बफर स्टॉक उतार रहे हैं, ताकि प्याज की कीमतें काबू में रहें. मिड अगस्त से हमने 22 राज्यों में 1.7 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक बाजार में उतारा है.'
सरकार को नवंबर के आखिर तक राहत की उम्मीद
प्याज की बढ़ती कीमतों (Onion Prices) को नियंत्रित करने के लिए 26 अक्टूबर को सरकार ने रसद बढ़ाने की बात कही थी. बता दें चुनावी साल में सरकार हर मोर्चे पर महंगाई को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है.
कंज्यूमर अफेयर्स सेक्रेटरी रोहित सिंह ने एक ब्रीफिंग में कहा, 'प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए भारत होलसेल मार्केट में प्याज की बिक्री को बढ़ाएगा. उम्मीद है इस कदम के बाद नवंबर के खात्मे तक प्याज की कीमतों में गिरावट आ सकती है.'
मतलब साफ है आने वाले एक महीने में प्याज ग्राहकों की जेब पर बड़ा कट मारने की तैयारी में है.
अगस्त में सरकार ने उठाए थे जरूरी कदम
अगस्त में सरकार ने प्याज की बढ़ी हुई कीमतों को नियंत्रित करने के लिए 40% एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाई थी.
अगस्त में ही सरकार ने बफर स्टॉक से प्याज भी रिलीज की थी. तब उम्मीद लगाई गई थी कि अक्टूबर में नई खेप आने तक इससे प्याज के भाव कम बने रहेंगे.
इसके बाद 22 अक्टूबर से सरकार ने 25 रुपये/किलोग्राम रेट पर प्याज की बिक्री शुरू की थी.
इसके अलावा सरकार ने बफर लिमिट का टारगेट 3 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 5 लाख मीट्रिक टन भी कर दिया था.
क्यों बढ़ीं प्याज की कीमतें
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने PTI को बताया कि 'मॉनसून की वजह से खरीफ प्याज की बुआई में देरी के कारण उत्पादन कम हुआ और फसल की आवक देर से हुई है. ताजा खरीफ प्याज की आवक अब तक शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ.'
अधिकारी ने कहा, 'स्टोर कर रखी गईं रखी रबी प्याज खत्म होने और खरीफ प्याज के आने में देरी की वजह से सप्लाई की स्थिति खराब है, नतीजतन थोक और रिटेल दोनों में प्याज की कीमतें बढ़ रही हैं.'
दाल का स्टॉक भी खोलेगी सरकार
इसके अलावा दालों की कीमतों पर भी नियंत्रण के लिए सरकार ओपन मार्केट में बिक्री बढ़वाएगी. भारत के पास फिलहाल 4.7 लाख टन दलहन स्टेट रिजर्व में मौजूद है.