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FMCG प्रोडक्ट्स की डिमांड घटी, कारोबारियों के पास स्टॉक की भरमार

नॉन-फूड सेगमेंट में ब्यूटी और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स की हालत सबसे ज्यादा खराब है. इसके बाद साबुन और डिटर्जेंट का नंबर आता है.
NDTV Profit हिंदीसेसा सेन
NDTV Profit हिंदी03:17 PM IST, 01 Dec 2023NDTV Profit हिंदी
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फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) की डिमांड घट गई है. रिटेलर्स और डिस्ट्रिब्यूटर्स को प्रोडक्ट्स बेचने में परेशानी आ रही है. डिमांड (Demand) में कमजोरी है, जिसकी वजह से उनके स्टोर्स (Stores) और वेयरहाउस में सामान भरा पड़ा है. ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोजक्ट्स डिस्ट्रिब्यूटर्स फेडरेशन के प्रेसिडेंट धैर्यशील पाटिल के मुताबिक इस साल के त्योहारी सीजन में सेल खराब रही है.

उन्होंने कहा कि दिवाली के बाद भी सेल काफी कम रही है. खासतौर पर बिस्किट, चॉकलेट की बिक्री काफी घटी है.

कीमतों में बढ़ोतरी नहीं होने के बावजूद सेल घटी

त्योहारी सीजन में गिफ्टी पैक की भी सेल कम रही है. उसका स्टॉक भी स्टोर्स में भरा पड़ा है. पाटिल ने कहा कि इस साल गिफ्ट पैक भी नहीं बिके हैं और हम अब तक स्टॉक को नहीं निकाल सके हैं.

नॉन-फूड सेगमेंट में ब्यूटी और कॉस्मैटिक्स प्रोडक्ट्स की हालत सबसे खराब है. इसके बाद साबुन और डिटर्जेंट का नंबर आता है. ध्यान देने वाली बात ये है कि ज्यादातर कंपनियों के कीमतों में बढ़ोतरी वापस लाने के बाद भी सेल घटी है.

बढ़ती इन्वेंट्री को मैनेज करना भी खर्चीला पड़ता है. पाटिल के मुताबिक ज्यादा स्टॉक को संभालने में भारी खर्च आ रहा है और ये मुश्किलों को बढ़ा रहा है. देश भर के चार लाख डिस्ट्रिब्यूटर्स और स्टॉकिस्ट का प्रतिनिधित्व करने वाली AICPDF के मुताबिक औसत इन्वेंट्री होल्डिंग के दिन 7-15 से बढ़कर 25-30 पर पहुंच गए हैं.

व्यापारियों को भुगतान मिलने में भी देरी

इसके अलावा रिटेलर्स के लिए एवरेज क्रेडिट पीरियड फास्ट मूविंग स्टॉक वाली यूनिट्स के लिए अब 25–26 दिन हो गया है. आमतौर पर रिटेलर्स, डिस्ट्रिब्यूटर्स को करीब 7 से 8 दिन के अंदर भुगतान कर देते हैं. देरी से भुगतान मिलने की वजह से रिटेलर्स अपने सप्लायर्स को नए प्रोडक्ट्स नहीं भेजने को कह रहे हैं.

कंज्यूमर गुड्स कंपनियां भी स्थिति को लेकर परेशान हैं. लेकिन खराब डिमांड ही सिर्फ मुश्किल नहीं है. आधुनिक और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की वजह से सामान्य कारोबार पर भी असर पड़ा है.

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