वेदांता (Vedanta) की प्रोमोटर कंपनी फिंसाइडर इंटरनेशनल ने ओपन मार्केट ट्रांजैक्शन के जरिए 1.76% हिस्सेदारी बेची. उसने ये हिस्सेदारी (Stake Sale) 1,737.2 करोड़ रुपये में बेची है. BSE के डेटा के मुताबिक उसने कंपनी में 6.55 करोड़ शेयर 265.14 रुपये/शेयर के भाव पर बेचे हैं. दिसंबर तक उसके पास माइनिंग कंपनी में 4.4% हिस्सेदारी थी.
इससे पहले दिन में ब्लूमबर्ग के मुताबिक कई बड़ी डील्स में वेदांता के 11.9 करोड़ शेयरों का लेन-देन हुआ है. 283.8 रुपये से 268.4 रुपये/ शेयर की कीमत में करीब 3.2% इक्विटी का लेन-देन हुआ है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अनिल अग्रवाल के मालिकाना हक वाली कंपनी के प्रोमोटर्स 1 बिलियन डॉलर जुटाने के मकसद से GQG पार्टनर्स के साथ बातचीत कर रहे हैं. माइनिंग कंपनी और उसकी पेरेंट कंपनी 14 बिलियन डॉलर के कर्ज के नीचे दबे हैं.
हाल ही में कंपनी के चेयरपर्सन अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करके वेदांता के कर्ज से जुड़ी चिंताओं को दूर करने की कोशिश की थी.
अग्रवाल ने कहा कि कंपनी की वित्तीय स्थिति अच्छी है और उसने भुगतान पर कभी भी डिफॉल्ट नहीं किया है. वेदांता की पेरेंट वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड ने हाल ही में ऐलान किया कि उसने 7 फरवरी को बॉन्डहोल्डर्स को रिपेमेंट पूरी कर दी थी. वेदांता के शेयर गुरुवार को NSE पर 4.18% की गिरावट के साथ 267.95 रुपये/ शेयर पर बंद हुए थे.