Changes From 1 June 2023: जून का महीना यानी बदलावों का महीना. जी हां, आज यानी 1 जून से फाइनेंस और यूटिलिटी से जुड़े कई बड़े बदलाव हुए हैं. LPG, बैंक, ऑटो और फार्मा से जुड़े नियमों में हुए बदलाव आज ही से लागू हो गए हैं. इन बदलावों का असर सीधे आपकी जेब पर पड़ने वाला है. बदलाव की इन खबरों में गुड न्यूज भी है और बैड न्यूज भी.
तो आइए हम आपको यहां बता रहे हैं उन 5 बदलावों के बारे में, जो आपके लिए जानना बेहद जरूरी है.
आज यानी 1 जून से 19 किलो वाला कमर्शियल LPG सिलेंडर 83.5 रुपये सस्ता हो गया है. दिल्ली में इसकी कीमत 1,856.50 से घटकर 1,773 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई है. कोलकाता में 1,960.50 से घटकर 1,875.50 रुपये, मुंबई में 1,808.50 से घटकर 1,725 रुपये, जबकि चेन्नई में इसकी कीमत 2,021.50 रुपये से घटकर 1,937 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई है. हालांकि घरेलू इस्तेमाल वाले 14.2 किलो के सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर.
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) आज से देश के बैंकों में जमा अनक्लेम्ड अमाउंट के सेटलमेंट को लेकर अभियान शुरू करने जा रहा है, जिसे '100 दिन 100 भुगतान' (100 Days 100 Pay) नाम दिया गया है. RBI ने 12 मई को इसकी घोषणा की थी. इस अभियान के तहत प्रत्येक बैंक 100 दिन में 100 अनक्लेम्ड अमाउंट को सेटल करेंगे. यानी लावारिस जमा राशि का पता लगाकर उसका निपटान करेंगे.
देश में इलेक्ट्रिक टू व्हीलर्स खरीदना अब महंगा हो गया है. इलेक्ट्रिक बाइक या स्कूटर 25,000 से 30,000 रुपये तक महंगे हो सकते हैं. बीते 21 मई को भारी उद्योग मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर बताया था कि FAME-II सब्सिडी राशि को कम करते हुए इसे 10,000 रुपये प्रति kWh कर दिया है, जो पहले 15,000 रुपये प्रति kWh थी. इसका सीधा असर इलेक्ट्रिक टू व्हीलर्स की कीमतों पर पड़ेगा.
देश में 2,000 के नोटों को सर्कुलेशन से हटाए जाने के फैसले के बाद बैंकों में इसे जमा करने और एक्सचेंज करने की सुविधा दी गई है, लेकिन बैंक जाने से पहले छुट्टियों की तारीख देखकर निकलना बेहतर रहेगा. RBI के बैंक हॉलिडे लिस्ट के मुताबिक, जून में 12 दिन छुट्टियां हैं और इसलिए बैंकों में कोई काम-काज नहीं होगा.
हालांकि ये जान लेना भी जरूरी है कि देश के अलग-अलग राज्यों में आयोजनों और त्यौहारों के मौके पर बैंकों में छुट्टियां अलग-अलग हो सकती हैं. इसके लिए आप ऊपर ग्राफिक्स पर एक नजर डाल सकते हैं.
1 जून से कफ सिरप के निर्यात से पहले इसकी जांच कराना जरूरी हो गया है. भारतीय फर्मों द्वारा एक्सपोर्ट किए जाने वाले खांसी के सिरप पर विदेशों में गुणवत्ता संबंधी चिंताएं जताए जाने के बीच यह बड़ा फैसला लिया गया है. विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने इस संबंध में नोटिस जारी कर कहा था कि खांसी की दवा के निर्यात से पहले एक सरकारी प्रयोगशाला की ओर से जारी प्रमाण पत्र देना जरूरी होगा.