भारतीय घरों में 78,300 करोड़ रुपये मूल्य का पुराना सामान बेकार पड़ा है : सर्वेक्षण

सर्वेक्षण के अनुसार औसतन हर परिवार में 12 विभिन्न कपड़े, 14 बर्तन या किचन का दूसरा सामान, 11 किताबें, सात किचन उपकरण, दो मोबाइल फोन और तीन घड़ियों का भंडार है.

प्रतीकात्मक चित्र

एक सर्वेक्षण के अनुसार भारतीय घरों में 78,300 करोड़ रुपये मूल्य के इस्तेमाल किए जाने लायक सामान बिना काम के पड़े हैं, जिसमें कपड़े, बर्तन और किताबें शामिल हैं.

इस्तेमालशुदा सामान खरीदने बेचने की सुविधा देने वाली ऑनलाइन कंपनी ओएलएक्स ने एक सर्वेक्षण में यह निष्कर्ष निकाला है. 'इस्तेमालशुदा सामान और ब्रिकी रुख पर उपभोक्ता अनुसंधान' (क्रस्ट) सर्वे 2014-15 के द्वितीय संस्करण के अनुसार इस्तेमालशुदा सामान का अनुमानित बाजार लगभग 56,200 करोड़ रुपये था.

इससे पहले 2013-14 में पहले सर्वेक्षण में ओएलएक्स ने 'ब्राउन मनी' शब्द का इस्तेमाल उस मूल्य के रूप में किया जो कि घरों में इस्तेमाल नहीं किए जा रहे सामान के रूप में पड़ा है, यानी ऐसा सामान जो घरों में यूं ही धूल खा रहा है.

वित्त वर्ष 2015-16 के लिए यह ताजा रिपोर्ट ओएलएक्स तथा बाजार अनुसंधान फर्म आईएमआरबी ने तैयार की है. इसके अनुसार औसतन हर परिवार में 12 विभिन्न कपड़े, 14 बर्तन या किचन का दूसरा सामान, 11 किताबें, सात किचन उपकरण, दो मोबाइल फोन और तीन घड़ियों का भंडार है. इस भंडार के लिहाज से दक्षिण भारत अन्य क्षेत्रों की तुलना में ऊपर है. शहरों में चंडीगढ़ और कोच्चि सबसे ऊपर हैं.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

लेखक Bhasha