Lok Sabha Elections 2024: आप घर बैठे कैसे लोकसभा चुनाव में डाल सकते हैं वोट, जानें कौन लोग ले सकते हैं फायदा

'वोट फ्रॉम होम' की सुविधा किन-किन लोगों के लिए होगी, इसकी प्रक्रिया क्या है. ये हर किसी के लिए जानना-समझना जरूरी है.

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लोकसभा चुनाव, 2024 (Loksabha Elections 2024) की तारीखों का ऐलान पहले ही हो चुका है. इस चुनाव में निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने वोटरों के एक बड़े वर्ग को घर-बैठे वोट डालने की सुविधा दी है. 'वोट फ्रॉम होम' की सुविधा किन-किन लोगों के लिए होगी, इसकी प्रक्रिया क्या है. ये हर किसी के लिए जानना-समझना जरूरी है.

'वोट फ्रॉम होम' की जरूरत क्यों?

देश में ऐसे वोटरों की तादाद काफी ज्यादा है, जिनके लिए पोलिंग बूथ तक जाकर वोट डालना एक मुश्किल भरा काम है. खासकर बुजुर्गों, दिव्यांगों और कुछ नौकरी-पेशा वालों को मतदान में हिस्सेदारी करने में दिक्कत होती है. यही वजह है कि चुनाव आयोग 'वोट फ्रॉम होम' का विकल्प दे रहा है.

इस बार नया क्या है?

चुनाव में घर-बैठे वोट डाला जाना कोई नई बात नहीं है. पहले कुछ चुनिंदा इलाकों में बुजुर्गों, दिव्यांगों को विधानसभा चुनावों के दौरान ये सुविधा दी जाती रही है. COVID-19 से प्रभावित लोगों को भी ये सुविधा मिली थी.

लेकिन इस बार के लोकसभा चुनाव में इस सुविधा का विस्तार किया गया है. इस चुनाव में इलेक्शन कमीशन ने बुजुर्ग मतदाताओं के लिए आयु-सीमा 80 साल से बढ़ाकर 85 साल कर दी है. इस बार 85 लाख से ज्यादा सीनियर सिटिजन और 88 लाख से ज्यादा दिव्यांग लोग डाक मतपत्र (Postal Ballot) के जरिए वोट डाल सकेंगे.

'वोट फ्रॉम होम' की शर्तें क्या हैं?

आयोग ने इस सुविधा के लिए बुजुर्गों की आयु-सीमा में बदलाव किया है. नए नियम के मुताबिक, अब 85 साल या इससे ज्यादा उम्र के सीनियर सिटिजन घर-बैठे वोट डाल सकेंगे. जहां तक दिव्यांग वोटरों का सवाल है, इस कैटेगरी में वैसे लोग शामिल हो सकेंगे, जिनकी दिव्यांगता तय पैमाने के मुताबिक 40 फीसदी या इससे ऊपर हो.

चुनाव आयोग ने कुछ खास तरह की ड्यूटी करने वालों का भी खयाल रखा है. आयोग ने वोटिंग वाले दिन न्यूज कवर करने वाले मीडियाकर्मियों को भी 'वोट फ्रॉम होम' की सुविधा दी है.

लेकिन इसके लिए उन्हें आयोग से पहले ही लेटर लेना होगा. मेट्रो, रेलवे और हेल्थकेयर सेक्टर से जुड़े चुनिंदा कर्मी भी घर बैठ वोट डाल सकेंगे. इलेक्शन ड्यूटी में लगे पुलिसवाले और सुरक्षाबलों में काम करने वाले भी कुछ शर्तों के साथ डाक से वोट डाल सकेंगे.

क्या करना होगा?

इस सुविधा का फायदा उठाने के लिए क्या करना होगा, ये जानना जरूरी है. इस बार लोकसभा चुनाव 7 फेज में होना है. ऐसे में मतदान की तारीख की अधिसूचना के 5 दिनों के भीतर ही एक फॉर्म भरकर जमा करना होगा. यह फॉर्म है 12D है, जिसे चुनाव आयोग की वेबसाइट (eci.gov.in) से डाउनलोड किया जा सकता है.

इसके जरिए बताना होता है कि वोटर अमुक वजह से पोलिंग बूथ पर जाकर वोट डालने की स्थिति में नहीं है. ये भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि जो लोग डाक से वोट डालने का विकल्प चुन लेंगे, वो पोलिंग बूथ पर जाकर वोट नहीं डाल सकेंगे.

कैसे पड़ेगा वोट?

चुनाव से पहले एक तारीख तय की जाएगी. उस खास तारीख को दो मतदान अधिकारी, एक वीडियोग्राफर और एक सुरक्षाकर्मी वोटर के दिए पते पर जाएंगे. उसी जगह पर डाक मतपत्र (Postal Ballot) के जरिए वोटिंग की प्रक्रिया पूरी कराएंगे. ऐसे वोटरों को डेट और टाइम के बारे में पहले ही सूचित कर दिया जाएगा. इस बार देशभर में लोकसभा चुनाव 19 अप्रैल से लेकर 1 जून तक होना है. 7 फेज में मतदान होगा. ऐसे में 'वोट फ्रॉम होम' का फायदा लेने के लिए चुनाव और नोटिफिकेशन की तारीखों पर नजर रखना जरूरी है.

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